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UP: ऊंची इमारतों में कैद दर्द भरी कहानियां... पढ़े लिखे परिवार फिर भी इस जिले में बढ़ रहे घरेलू हिंसा के केस

Sat, 03 Feb 2024 11:54 AM IST
शाहरुख खान नेहा शर्मा, अमर उजाला, नोएडा

सार

पढ़ी लिखी सोसाइटी की ऊंची इमारतों में दर्द भरीं कहानियां कैद हैं। प्रदेश के सबसे साक्षर जिले में घरेलू हिस्सा के मामले बढ़ रहे हैं। वन स्टॉप सेंटर में पिछले 10 महीने में 301 मामले आए हैं।
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Painful stories - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नोएडा के सेक्टर-62 की हाईराइज सोसाइटी में रहने वाली 27 साल की खुशबू (बदला नाम) पिछले कई महीनों से घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है। शुरुआत में सोचा सब ठीक हो जाएगा, लेकिन जब पति मारपीट करने लगा तो खुशबू की सहन शक्ति जवाब दे गई। 
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पड़ोसी की मदद से उसने वन स्टॉप सेंटर का सहारा लिया। यहां पर पति-पत्नी की काउंसलिंग की जा रही है। हालांकि, अब कुछ दिनों से दोनों साथ रह रहे हैं। इस तरह का सिर्फ एक मामला नहीं है। पिछले 10 महीनों में महिलाओं से संबंधित इस तरह के 301 मामले सामने आए हैं। 

सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा के मामले हैं। ऐसे भी कई मामले हैं, जिसमें पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से शिकायत दर्ज नहीं कराई और सीधे वन स्टॉप सेंटर आए हैं। यहां पर जरूरत पड़ने पर महिला को विधिक सहायता भी दी जा रही है।
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पढ़े लिखे लोगों के बीच भी आ रहे दहेज उत्पीड़न के मामले
वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार गौतमबुद्ध नगर जिला सबसे ज्यादा साक्षर है। यहां पर 89.20 प्रतिशत पुरुष और 77.17 प्रतिशत महिलाएं साक्षर हैं। इसके बावजूद यहां पर दहेज उत्पीड़न के केस सामने आए हैं। अकेले वन स्टाप सेंटर में चार दहेज उत्पीड़न के केस आए हैं।

पारिवारिक दबाव बन रहा समझौते का कारण
यहां पर 240 लोगों की काउंसलिंग की गई है। प्रबंधकों का कहना है कि 60 प्रतिशत मामलों में काउंसलिंग के बाद सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। हालांकि इसमें बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं, जिसमें पारिवारिक और आर्थिक दबाव समझौते का कारण बना।

1636 आईं शिकायतें, 215 में मुकदमा दर्ज
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से चलाए जा रहे मीडिएशन सेंटर में जनवरी 2021 से पिछले साल तक 1636 मामले आए। इसमें से 215 पर मुकदमा दर्ज हुए हैं और 1328 में समझौता कराया गया है। वहीं, 93 पर अभी कार्रवाई चल रही है।

सोशल मीडिया से अलग है मेरी दुनिया
सेक्टर-34 निवासी निहारिका (बदला नाम) ने बताया, मेरी जिंदगी सोशल मीडिया पर दिखने वाले मेरे प्रोफाइल से बिल्कुल अलग है। ऐसा कोई दिन नहीं होता जब हमारी लड़ाई न हो। कई बार पति गुस्से में हाथ तक उठा देता है। दुनिया को लगे कि हम लोग बहुत खुश हैं, इसलिए पति रोजाना दोनों की एक साथ पार्क में घूमते हुए, हंसते हुए फोटो अपलोड करते हैं।
 

क्या है वन स्टॉप सेंटर
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने लिंग आधारित हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए हैं। इस योजना को एक अप्रैल 2015 को लागू किया गया था। इसी के तहत अक्तूबर 2021 से सेक्टर- 62 में सेंटर का संचालन किया जा रहा है। यहां पर पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग, अल्प प्रवास, तत्काल पुलिस सहायता, विधिक सहायता समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
 

आंकड़ा
अलग- अलग महीने वन स्टॉप सेंटर में आए मामले
अप्रैल 2023 -19
मई 2023- 21
जून 2023- 31
जुलाई 2023- 22
अगस्त 2023- 33
सितंबर 2023- 34
अक्तूबर 2023- 37
नवंबर 2023- 27
दिसंबर 2023- 39
जनवरी 2024- 38
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वन स्टाप सेंटर की ओर से पीड़ित को मदद पहुंचाते हैं। उसकी काउंसलिंग के साथ-साथ परामर्श, विधिक सहायता भी दी जाती है। पिछले 10 महीने में अलग-अलग मामले में 301 मामले आए हैं। -अतुल सोनी, जिला प्रोबेशन अधिकारी
 
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