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Noida News: अनाज मंडी में कैमरों को बंद कर किया गया धान घोटाला

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-मामले में जांच एजेंसी ने प्रदेश सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
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-हसनपुर मंडी में खरीद एजेंसी के अफसरों पर कार्रवाई की संस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी

होडल। क्षेत्र की अनाज मंडियों में एक अक्टूबर से शुरू हुई धान की फसल की सरकारी खरीद में एजेंसियों के अधिकारियों व मिलर्स सहित मंडी अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये का घोटाला करने के मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मंडी के गेटों पर लगाए गए कैमरों को बंद कर सरकारी खरीद में गोलमाल किया। वहीं, हसनपुर अनाज मंडी में वेयरहाउस द्वारा जीपीएस सिस्टम लगे ट्रकों के फर्जी गेटपास के मामले मुख्यमंत्री उड़न दस्ता टीम ने सरकार भेजी गई रिपोर्ट में खरीद एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लिखा है।

गौरतलब है कि, क्षेत्र अनाज मंडियों में सरकारी धान की खरीद में लगातार किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी करने के मामले में मुख्यमंत्री नायब सैनी कार्यालय में हुई शिकायत के बाद जांच में कई खुलासे हुए है। जहां होडल में मंड़ी सचिव में जांच एजेंसी को लिखित में जवाब दिया कि खरीद के दौरान मंडी के गेट पर लगे कैमरे बंद थे। जिसमें सरकार को भेजी गई जांच रिपोर्ट में जांच कार्य अधिकारियों ने सचिन के खिलाफ सरकार को कार्रवाई को लिखा है। वहीं, हसनपुर अनाज मंडी में 24 अक्टूबर को दो ट्रक नंबर HR-73B-3636 व HR -73B-7676 जिनमें जीपीएस सिस्टम सरकार के नियमों अनुसार लगे हुए थे। जो दोनों ट्रक होडल अनाज मंडी से मयंक राइस मिल के लिए धान ढुलाई कर रहे थे।
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होडल अनाज मंडी से ट्रकों के गेट पास में खुलासा हुआ कि मिलरों ने हसनपुर अनाज मंडी में खरीद एजेंसियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा कर उनके ट्रकों फर्जी गेटपास समय राइस मिल के नाम पर कटवा दिए। जब इस मामले की खरीद एजेंसी अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने सुनवाई से इंकार कर दिया। बाद में जांच मुख्यमंत्री उड़न दस्ता को सौंप दी तो जांच के दौरान उड़न दस्ता टीम को दोषी पाए गए वेयरहाउस के अधिकारियों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करने को लेकर पत्र लिखा है।
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उड़न दस्ता टीम के इंस्पेक्टर भगत सिंह ने बताया कि टीम ने वेयरहाउस के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने के मामले में पत्र विभाग को भेज दिया है। वहीं, किसान संगठन के नेता देवेंद्र सिंह ने बताया कि इस घोटाले में सरकार व उसके अधिकारी पूरी तरह से शामिल है। विभिन्न स्थानों पर सरकार ने धान घोटाले के मामले में केस दर्ज करवाएं लेकिन जिला पलवल की विभिन्न अनाज मंडियों में करोड़ों रुपये का घोटाला होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायाब सैनी से घोटाले में शामिल अधिकारियों खिलाफ केस दर्ज करवाने की मांग की है।
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