संचारी रोग नियंत्रण में पिछड़ा अपना जिला
-टॉप-10 में भी नहीं मिली जगह, इस बार 24वें पायदान पर जनपद
-बागपत जिले ने मारी बाजी, सुल्तानपुर और अमेठी भी निकले आगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को इलाज की जरूरत है। इस बात की तस्दीक खुद संचारी रोग नियंत्रण अभियान की रिपोर्ट कर रही है। जुलाई के महीने में चले इस अभियान की रिपोर्ट जारी हो गई है। उत्तर प्रदेश का अग्रणी जनपद गौतमबुद्धनगर 24वें पायदान पर रहा है। वहीं, बागपत ने बाजी मारते हुए इस अभियान में पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि सुल्तानपुर और अमेठी जिला संचारी रोग नियंत्रण के मानकों पर आगे निकलते हुए दूसरे पायदान पर पहुंच गया है। गौतमबुद्धनगर जनपद टॉप-10 की सूची में भी अपनी जगह नहीं बना पाया।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान का दूसरा राउंड इस बार जुलाई में आयोजित हुआ था। पूरे महीने कई तरह की गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य कई विभागों को साथ मिलकर संचारी रोग नियंत्रण की दिशा में काम करना था। साल की शुरुआत में अभियान के पहले राउंड में गौतमबुद्धनगर को 47वां स्थान मिला था। रैंकिंग सुधारने के लिए इस बार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ की भी मदद ली गई, लेकिन इसके बाद भी 24वें पायदान तक ही पहुंच पाया।
बागपत नंबर-1 तो पड़ोसी जिला गाजियाबाद 7वें स्थान पर
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में बागपत 200 नंबरों के साथ पहले पायदान पर रहा है। वहीं, सुल्तानपुर और अमेठी 185 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा है। तीसरे स्थान पर कोई जिला नहीं है जबकि मथुरा, जौनपुर व आयोध्या 175 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर है। पांचवें और छठे स्थान पर कोई जिला नहीं है। मऊ, झांसी और गाजियाबाद जिला 170 अंकों के साथ सातवें स्थान पर है। आठवें और नौंवे स्थान पर कोई जिला नहीं है जबकि फिरोजाबाद दसवें स्थान पर है।
इन गतिविधियों में पिछड़ा जिला
गांवों में झाड़ियों की कटाई का काम नहीं किया गया। इसके अलावा जलजमाव से निपटने में भी कोई खास काम नहीं किया गया। इसके अलावा सामुदायिक स्तर पर बीमारों के प्रति जागरूक करने का काम भी ठीक से नहीं हुआ और दस्तक अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी सही तरीके से काम नहीं किया। इन सभी बिंदुओं के आधार पर नंबरों में कटौती की गई है।