नगीना। तकरीबन 1230 फुट की ऊंचाई पर 1300 इस्वीं में नवाब बहादुर नाहर खान द्वारा बनवाया गया कोटला किला अपने अस्तित्व से जूझ रहा है। तेज बारिश से किले के मुख्य द्वार में दरारें पड़नी शुरू हो गई है। दक्षिण की तरफ चूने से बनी चारदीवारी के कई हिस्से खाई में जा गिरे हैं। ऐसे में लोगों ने किले के अस्तित्व को बचाए जाने की मांग की है।
कोटला गांव पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। यहां बावड़ी, झील, झरने, शाही मस्जिद, गुफाएं, गुंबदें और मकबरे काफी संख्या में है। इनमें से अभी भी काफी का अस्तित्व बरकरार है। मेवात के इतिहास पर कई किताबें लिख चुके इतिहासकार सिद्दिक अहमद मेव ने भी कोटला किला में दरारें पड़ने पर चिंता व्यक्त की है और सरकार से इसकी मरम्मत की मांग उठाई है।
ग्रामीण बताते हैं कि राजस्थान के तिजारा शहर की तरफ से किला तक पहुंचने के लिए घोड़ों का इस्तेमाल होता था। किले से तालाब और बावड़ी तक सुरंग बनाई गई थी। नवाब ने दुश्मनों को शिकस्त देने के लिए अरावली पहाड़ी के ऊपर किला बनाया था। किले की दीवारें 4 फुट चौड़ाई की हैं जबकि जिले के भीतरी दीवारें 3 से 4 फुट चौड़ी हैं। नई दरारें पड़ने से पर्यटकों और ग्रामीणों में चिंता है।
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करीब 800 साल पहले चूने से बने किले की आज तक मरम्मत नहीं हुई। जिला उपायुक्त व जिला पुलिस कप्तान ने इसकी मरम्मत का भरोसा दिलाया था लेकिन अभी तक कोई मरम्मत का कार्य आरंभ नहीं हुआ। - जाकिर हुसैन, समाजसेवी कोटला।
कोटला का किला नवाब बहादुर नाहर खान की आखिरी निशानी है। अब किले के सामने के हिस्से पर तीन से चार नई दरारें दिखाई देने लगी है। इसकी मरम्मत का कार्य हो तो दीवारें कायम रह सकती हैं। - शौकत अली, नंबरदार कोटला।
मुगल बादशाह फिरोजशाह तुगलक की कोटला राजधानी था। वो अरावली की पहाड़ियों में शिकार खेलने आते थे। एक दिन शिकार खेलते हुए फिरोजशाह तुगलक पर शेर ने हमला कर दिया तो बहादुर खान ने उसे बचाया। नवाब नाहर खान को तब बहादुर का खिताब दिया गया। किले में दो दरवाजे थे एक दरवाजा बिल्कुल ध्वस्त हो गया है। नवाब बहादुर नाहर खान 1365 के आसपास किले का निर्माण कराया था। किले तक पहुंचने के लिए पत्थर की सीढ़ियां बनाई गई। -सिद्दिक अहमद मेव, प्रसिद्ध इतिहासकार नूंह।
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कोटला किला की दीवारें गिरने और मुख्य दरवाजे में दरारें आने के बारे में अधिकारियों को भेजकर रिपोर्ट ली जाएगी। जल्द से जल्द मरम्मत होगी।
शक्ति सिंह, जिला उपायुक्त नूंह।