फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: भाजपा के बाद ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा करेंगी दूसरी पार्टी

विज्ञापन
विज्ञापन
- पार्टी आला कमान लखनऊ में कर रहा प्रत्याशियों को लेकर मंथन
विज्ञापन




-इसी सप्ताह होगी भाजपा के जिताऊ प्रत्याशियों की सूची जारी

मनोज कुमार


ग्रेटर नोएडा। निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। अब पार्टी नगर पंचायत और नगर पालिकाओं समेत अन्य पदों पर प्रत्याशियों की घोषणा के लिए मंथन कर रही है। लखनऊ में सोमवार-मंगलवार को पार्टी आला कमान की बैठक हुई। इन्ही बैठकों में नगर निकाय के प्रत्याशियों की सूची बनाई जाएगी। दूसरी पार्टियां भी भाजपा के प्रत्याशियों की सूची का इंतजार कर रही है। चूंकि भाजपा के उम्मीदवार के बाद ही दूसरी पार्टियां जाति समीकरणों के अनुसार प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारेंगी।



दरअसल, गौतमबुद्धनगर में नगर निकाय चुनाव की बात करें तो सबसे अहम चुनाव दादरी नगर पालिका का माना जाता है। हालांकि दनकौर, बिलासपुर, रबूपुरा, जेवर और जहांगीरपुर भी अच्छी हैसियत की नगर पंचायत मानी जाती है। मगर राजनैतिक रूप से दादरी पर सबसे अधिक घमासान होता है। लोकसभा चुनाव में तो दूसरी पार्टियों को भाजपा ने पटखनी दे दी थी। मगर निकाय चुनाव में यह कठिन नजर आ रहा है। इसलिए इस सीट पर प्रत्याशी उतारने से पहले काफी मंथन किया जाना है। इसके लिए दो दिवयीय बैठक में गौतमबुद्धनगर के प्रभारी मंत्री समेत तीन जनप्रतिनिधियों को लखनऊ में बुलाकर वार्ता भी की गई है। इसमें प्रत्याशियों की सूची तैयार की जाएगी। चूंकि भाजपा किसी जाति के उम्मीदवार को उतारेगी, उसके बाद ही दूसरी पार्टियां उसके मुकाबले में अपने प्रत्याशी लाएंगी। भाजपा के सूत्रों की माने तो दो से तीन दिन में उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन






जातियों का बदला समीकरण

अभी तक दादरी सीट पर ब्रहामण, वैश्य और दलित समाज का वर्चस्व था। वह जिस ओर रुख कर देते, वहीं प्रत्याशी विजयी हो जाता। मगर अब कुछ समीकरण बदले हैं। चूंकि यहां पर मुस्लिम मतदाताओं के साथ-साथ गुर्जर मतदाताओं की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में पार्टियां फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पिछले दिनों एक पार्टी के प्रमुख नेता ने कार्यकाल समाप्त होने के बाद दूसरी पार्टी के प्रत्याशी का स्वागत करके उसे मैदान में उतार दिया था। टिकट को लेकर चल रहे घमासान के दौरान यह चर्चा आम हो रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें