बच्चों की भूख हड़ताल टली, 50 प्रतिशत फीस के साथ जारी रहेगी पढ़ाई
रायन स्कूल मामले में कमिश्नर मेरठ की गठित कमेटी की रिपोर्ट आने तक स्कूल में पढ़ेंगे विद्यार्थी, डीएम कार्यालय पर हुआ समझौता
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी कार्यालय पर मंगलवार को भूख हड़ताल करने पहुंचे रायन स्कूल के विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत दी है। सिटी मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह और स्कूल की प्रधानाचार्या सुधा सिंह के बीच हुई वार्ता में कमिश्नर मेरठ की ओर से बनाई गई कमेटी की जांच रिपोर्ट आने तक विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत फीस के साथ स्कूल में पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया गया है। आठ माह से रायन स्कूल और अभिभावकों के बीच फीस को लेकर विवाद बना हुआ है।
सत्र 2022-23 में दो स्कूलों के बंद होने पर उनके विद्यार्थियों ने रायन इंटरनेशनल स्कूल में दाखिला लिया था। स्कूल के अभिभावकों का आरोप है कि कोरोना महामारी के दौरान स्कूलों से समझाैते के अनुसार 50 प्रतिशत ट्यूशन फीस पर छात्रों को प्रवेश दिया था। दो माह तक पढ़ाई कराने के बाद स्कूल प्रबंधन पूरी फीस मांगने लगा, जबकि स्कूल इससे इन्कार करता आ रहा है। वर्ष पूरा होने के बाद फीस पूरी न मिलने का आरोप लगाते हुए स्कूल ने विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में बैठने से रोक दिया।
इसके बाद से विद्यार्थी और अभिभावकों ने लगातार प्रदर्शन किए। प्रशासन तक मामला पहुंचा तो कमिश्नर मेरठ मंडल ने जांच अपर आयुक्त मेरठ मंडल महेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। विवाद के चलते छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। समस्या का समाधान न होने पर अभिभावकों ने बच्चों के साथ मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी थी। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों के साथ लगभग एक घंटे तक बैठक चली। इसके बाद निर्णय दिया गया है कि जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक विद्यार्थी स्कूल में पढ़ेंगे। रायन स्कूल की प्रधानाचार्या सुधा सिंह से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो पाई।
-
अभिभावकों ने काफी समय से फीस जमा नहीं की थी। उनसे बची हुई फीस जमा करने के लिए कहा गया है। स्कूल को निर्देश दिया गया है कि जब तक कमेटी का कोई निर्णय न आ जाए, छात्रों की नियमित कक्षाएं संचालित कराएं। - डाॅ. धर्मवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक