-जिला उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर को दिया 30 दिन का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। निर्धारित अवधि में भूखंड पर कब्जा नहीं देने और रजिस्ट्री नहीं करने पर बिल्डर को ली गई धनराशि 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में लौटानी होगी। जिला उपभोक्ता आयोग ने खरीदार की शिकायत पर फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
नई दिल्ली के घुमेहरा गांव निवासी रीना यादव ने नोएडा के हरित धारा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की आवासीय योजना में भूखंड के लिए संपर्क किया। उनके द्वारा शाहपुरा राजस्थान में अखिल भारतीय आवासीय योजना नामक भावी टाउनशिप परियोजना के तहत 200 वर्ग गज का भूखंड देने की पेशकश की। दिसंबर 2013 उनके द्वारा 200 वर्ग गज का भूखंड लेने के लिए आवेदन किया। 27 दिसंबर 2013 को चेक के माध्यम से 41 हजार रुपये की राशि जमा की गई। भूखंड की कुल कीमत 4.20 लाख रुपये थी। उनको योजना में एक भूखंड आवंटित किया। तीन साल में कब्जा देने का आश्वासन दिया। उनके द्वारा 3.69 लाख रुपये का भुगतान किया। तीन साल के बाद बिल्डर ने रजिस्ट्री करने और कब्जा देने से इंकार कर दिया। कई बार संपर्क करके कब्जे के बारे में पूछा जाता रहा। लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया।
छह साल के बाद भी रजिस्ट्री और कब्जा नहीं दिया। बार-बार संपर्क करने पर बिल्डर ने उनको अपने दफ्तर से धमकी देकर भगा दिया। साथ ही 25 फीसदी कटौती करके पैसा लौटाने की पेशकश की। पैसा वापस नहीं मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान बिल्डर ने अपना पक्ष नहीं रखा। इसके बाद एक पक्षीय सुनवाई की गई। आयोग ने पेश किए गए साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद माना कि शिकायत कर्ता ने बिल्डर के कहे अनुसार सारा भुगतान समय पर दिया। बिल्डर ने तीन साल की अवधि के बाद कब्जा देने से इंकार कर दिया। बिल्डर ने सेवा में कमी है। आयोग ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वह शिकायत कर्ता को भुगतान की गई राशि 3.69 लाख रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन के अंदर लौटाएगा। पांच हजार रुपये मानसिक संताप और पांच हजार रुपये वाद व्यय के भी देने होंगे।