- बोर्ड बैठक में नीति मंजूर होने के बाद कार्यालय आदेश जारी कर नीति हुई तय
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एमईए सहकारी आवास समिति, हिंदुस्तान पेट्रोलियम आवासीय समिति व अन्य सोसाइटी में अब काबिजदारों के पक्ष में रजिस्ट्री शुरू हो सकेगीं। बिना प्राधिकरण से एनओसी लिए फ्लैट यहां दूसरे खरीदारों को बेच दिए गए। बोर्ड बैठक में इसके लिए मंजूरी मिलने के बाद प्राधिकरण ने कार्यालय आदेश भी जारी कर दिया है।
एसीईओ सुनील कुमार सिंह की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि प्राधिकरण के वित्तीय हित और काबिजदारों की मुश्किलों को देखते हुए नीति तय की जा रही है। इस नीति में अब त्रिपक्षीय सबलीज डीड कराई जा सकेगी। इसके लिए समिति के सभी सदस्यों के लिए अलग से एनओसी प्राधिकरण से लिया जाना आवश्यक होगा। 100 रुपये के स्टांप पेपर पर एक बांड भी देना होगा जिसमें भविष्य में बकाया की स्थिति में काबिजदारों से वसूली हो सकेगी। आवंटन के बाद जितनी भी बार इसका हस्तांतरण हुआ है। इसकी सूचना प्राधिकरण को देते हुए आवश्यक शुल्क जमा भी करना होगा। इस नीति में केवल उन प्रकरणों को ही शामिल किया गया है जिनमें समिति के काम पूरा करने से पहले ही खरीद-फरोख्त हुई।
नई नीति में दंड शुल्क की भी व्यवस्था की गई है। इसमें हस्तांतरण शुल्क के अलावा कुल प्रीमियम का दो प्रतिशत दंड शुल्क के रूप में जमा करना होगा। यह नीति सीनियर सिटीजन होम कांप्लेक्स वेलफेयर सोसाइटी और एयरफोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड पर भी समान रूप से लागू की जानी है। आठ दिसंबर से इस नीति को प्राधिकरण ने लागू कर दिया है।