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Noida News: एओए पदाधिकारियों पर एफआईआर का विरोध, फोना की बैठक में इस्तीफे की चेतावनी

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अलग-अलग केस में सुपरटेक केपटाउन और आम्रपाली प्लेटिनम सोसाइटी के एओए पदाधिकारियों पर दर्ज हुआ था केस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सोसाइटी में घटना या खामियां मिलने पर एओए पदाधिकारियों पर दर्ज हुई एफआईआर का विरोध शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न सोसाइटी में फेडरेशन ऑफ नोएडा एंड ग्रेटर नोएडा अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (फोना) की बैठक भी हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने एक साथ इस्तीफे की चेतावनी दी।
इसमें एओए पदाधिकारियों ने कहा कि बिल्डर ने हाईराइज सोसाइटियों का कोई निर्माण कार्य अधूरा छोड़ा है या मानकों के अनुरूप नहीं बनाया है तो एओए जिम्मेदार कैसे हो सकती है? किसी घटना या अव्यवस्था पर सीधे एओए के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस और नोएडा प्राधिकरण को पहले यह जानना चाहिए कि आखिर इस घटना का जिम्मेदार कौन है? इसके बाद कार्रवाई करनी चाहिए।
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पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नोएडा प्राधिकरण की ओर से एओए को सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है। सोसाइटी के निर्माण के दौरान यदि बिल्डर ने कोई कार्य अधूरा छोड़ दिया या मानकों के अनुरूप नहीं किया है तो एओए जिम्मेदार कैसे हो सकती है? इस संबंध में बिना किसी पूर्व सूचना, नोटिस, सुनवाई या जुर्माने के एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई से परेशान सभी सोसाइटी के पदाधिकारी एक साथ रिजाइन देने की सोच रहे हैं। नोफा के अध्यक्ष संदीप सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश पुलिस कमिश्नरेट को दिया था कि कभी भी मामले में एओए पर बिना जांच की कोई एफआईआर या कोई कार्रवाई न हो लेकिन यहां विपरीत दिशा में कार्रवाई हो रही है।
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दो एओए पर हो चुकी है एफआईआर
इस दौरान बताया गया कि पिछले दिनों नोएडा प्राधिकरण की ओर से सुपरटेक केपटाउन की एओए पर एफआईआर कराई गई जबकि एसटीपी न चलने के लिए बिल्डर जिम्मेदार है। आम्रपाली प्लेटिनम सोसाइटी में बच्ची को चोट लगने पर एओए के खिलाफ एफआईआर हुई जबकि इस कार्य को करवाने वाली एनबीसीसी इसकी जिम्मेदार है। सभी एओए पदाधिकारियों ने एफआईआर का विरोध किया।
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