- बढ़ते मरीजों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने लिया फैसला
-10-12 फीसदी अतिरिक्त गंभीर मरीजों को मौका मिल सकेगा
-सामान्य मरीज भी वर्तमान में ले रहे हैं इस सुविधा का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दिल, मस्तिष्क, फेफड़े सहित दूसरे गंभीर रोगों का इलाज करवाने आ रहे मरीजों को भीड़ से जल्द राहत मिलेगी। अस्पताल प्रशासन ने सुपर स्पेशियलिटी विभागों में अनावश्यक भीड़ को कम करने के लिए केवल रेफर मरीजों का इलाज करने का निर्णय लिया है। ऐसा करने से करीब 10 से 12 फीसदी अतिरिक्त गंभीर मरीजों को मौका मिल सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय सुपर स्पेशियलिटी विभागों में ऐसे मरीज भी इलाज करवाने आ रहे हैं जिनका उपचार सामान्य विभागों में हो सकता है। यह मरीज डॉक्टर के पास पहुंचते हैं और स्क्रीनिंग के दौरान उन्हें वापस सामान्य विभाग में भेजना पड़ता है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. अजय शुक्ला ने कहा कि गंभीर मरीजों को राहत देने के लिए केवल रेफर मरीजों का ही सुपर स्पेशियलिटी विभागों में इलाज करने का फैसला लिया है। सामान्य विभाग में इलाज के दौरान यदि डॉक्टर को लगता है तो वह मरीज को सुपर स्पेशियलिटी विभाग के लिए रेफर कर सकते हैं। दूसरे अस्पताल से आने वाले मरीजों को भी रेफर पर्ची साथ में लानी होगी। बता दें कि अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी विभाग में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पल्मोनरी मेडिसिन सहित दूसरे रोगों से जुड़े विभाग की सुविधा दी जाती है।
बॉक्स
08 हजार से ज्यादा मरीज रोजाना आते हैं
आरएमएल अस्पताल में रोजाना आठ हजार से अधिक मरीज इलाज करवाने आते हैं। ओपीडी पर्ची बनवाने के दौरान मर्ज बताने पर विभाग दिया जाता है। जबकि अब डॉक्टरों की पर्ची के आधार पर सुपर स्पेशियलिटी विभाग की पर्ची बन पाएगी। वहीं सामान्य लक्षण वाले मरीजों को जरूरत के आधार पर विभाग में भेजा जाएगा।
बॉक्स
इसी साल मिलेगा नया ब्लॉक
अस्पताल में इलाज करवाने आ रहे मरीजों को इसी साल नया सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक मिलेगा। मौजूदा समय में सुपर स्पेशियलिटी विभाग की सुविधाएं ओपीडी भवन में ही मिल रही है। जगह कम होने के कारण मरीजों को इंतजार करने व ठहरने में परेशानी होती है। मरीजों की समस्या को देखते हुए ट्रामा सेंटर के पास नया सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाया जा रहा है। इस ब्लॉक को पहले अप्रैल में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि काम में हो रही देरी के कारण लक्ष्य को बढ़ाकर अगस्त कर दिया गया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इसमें कुछ और देरी हो सकती है। नया ब्लॉक शुरू होने के बाद मरीजों के लिए अतिरिक्त जगह की व्यवस्था होगी। जरूरत के आधार पर मरीजों के लिए बेड व दूसरी सुविधाएं भी मिल सकेंगी।