- गिरोह विनबज नामक ऑनलाइन गेमिंग व बैटिंग ऐप के माध्यम से कर रहा था लोगों से ठगी
- रोजाना 8 से 10 लाख रुपये ठग रहे थे आरोपी, तीन माह में ठग चुके हैं सात करोड़ रुपये से अधिक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने ग्रेनो वेस्ट लॉ रेजिडेंशिंया सोसाइटी से ऑनलाइन गेमिंग एप के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए शुक्रवार को दंपती समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान इटावा के अंकित सिंह (24), हिमांशु (20), चिराग जैन (21), प्रथम मिश्रा (22), हर्षित वर्मा, (23), अंश वर्मा (20), नितिन बाबू (22) व कीर्ति (23) रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 159 फर्जी बैंक पासबुक, 95 फर्जी चेकबुक, विभिन्न नामों के 321 एटीएम–डेबिट कार्ड, 114 प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड, सात लैपटॉप, एक टैब, 56 मोबाइल, 39670 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरोह “विनबज” नामक ऑनलाइन गेमिंग व बैटिंग ऐप के माध्यम से प्रतिदिन ढाई से तीन हजार लोगों को झांसा देकर रोज 8 से 10 लाख रुपये तक की ठगी करने का धंधा चला रहा था। अबतक हजारों लोगों से सात करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि एक गिरोह लॉ रेजिडेंशिंया सोसाइटी के फ्लैट नंबर -2101 टॉवर-1 में बैठकर लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन गेमिंग के बहाने लोगों से धोखाधड़ी कर रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। फ्लैट के अंदर एक टेबल पर लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और चेकबुक का ढेर लगा हुआ था। कई आरोपी लैपटॉप पर लाइव गेमिंग और बैंटिंग की कमांड्स चला रहे थे और लोग फोन पर हार-जीत की बाजी लगा रहे थे। पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वह विनबुज नाम से एक ऑनलाइन गेमिंग ऐप चलाते हैं। जिसमें क्रिकेट, कैसिनो, एविएटर, रूलेट और हरालाल (नंबरिंग गेम) जैसे खेलों की आड़ में बैटिंग कराते हैं।
गिरोह सबसे पहले सोशल मीडिया इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि पर गेमिंग विज्ञापन चलवा कर लोगों को लालच देता था। इनके नेटवर्क में लियो नाम का व्यक्ति लिंक उपलब्ध कराता था। जिसके जरिए लोग उनकी फर्जी वेबसाइट पर पहुंचते थे। इसके बाद आरोपी उनसे गेम खेलने के लिए पैसे जमा कराने के नाम पर धनराशि लेते थे और उनके अकाउंट में काल्पनिक प्वाइंट व करेंसी डालते थे। शुरुआत में छोटी राशि जिताकर यूजर को लालच में डाला जाता था। जिससे वह दोबारा और अधिक पैसा लगाए। जैसे ही लोग बड़ी रकम लगाते, ऐप में उन्हें लगातार हारने पर मजबूर किया जाता और उनकी पूरी राशि डूबा दी जाती। इस तरह आरोपी प्रतिदिन 8-10 लाख रुपये तक की ठगी कर रहे थे।
तीन महीने से फ्लैट में चल रहा था ठगी का धंधा : लगभग तीन महीने से नोएडा के इस फ्लैट में बैठकर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन ठगी का खेल चला रहे थे। टू बीएचके फ्लैट करीब 20 हजार रुपये किराये पर ले रखा है। आरोपियों ने पुलिस को बताया वह लियो नाम के शख्स के साथ मिलकर फर्जी ऑनलाइन गेमिंग व बेटिंग का नेटवर्क चला रहे थे। लियो अन्य आरोपियों से व्हाट्सऐप के जरिये संपर्क में रहता था। आरोपी फर्जी आईडी, प्री-एक्टिवेटेड सिम और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे।