पुन्हाना। कोरोना संक्रमण ने दुनियाभर में अपना प्रकोप दिखाया है। अभी भी लोगों की जिंदगी बड़ी मुश्किल से पटरी पर आ रही है, इसके विपरीत नूंह जिले के लोग टीका लगवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण में सोमवार को मात्र 22 व मंगलवार को 43 लोगों ने टीका लगवाया। जिले की आबादी करीब 15 लाख है। नूंह, तावडू़, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, पिनगवां व इंडरी सहित सभी जगहों पर कोरोना के मरीज मिले थे, लेकिन जिले के लोग टीका लगवाने से बच रहे हैं।
जिले में कोरोना संक्रमण के कुल 1713 मरीज मिले, जबकि 30 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो गई। इसके बावजूद जिले में कोरोना टीकाकरण में जिले के लोगों द्वारा रुचि नहीं लेने पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, जबकि जिले के तमाम उच्च प्रशासनिक अधिकारियों ने टीकाकरण कराकर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया है। लोगों के टीकाकरण में रुचि नहीं लेने से स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले में टीकाकरण के तीसरे चरण के दूसरे दिन मंगलवार को कुल 43 लोगों को टीका लगाया गया। इनमें 45 से 60 साल तक के 20 लोगों और 23 हेल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगाया गया।
इंद्रधनुष टीकाकरण भी जारी रहा
स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 टीकाकरण के साथ-साथ इंद्रधनुष टीकाकरण को भी जारी रखा। मंगलवार को 2276 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 1411 को टीका लगाया गया। वहीं 512 गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने का लक्ष्य था, जिनमें से 409 को ही टीके लगाया गया।
क्या बोले अधिकारी
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर बसंत दुबे ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे चरण के दूसरे दिन मंगलवार को 43 लोगों को टीका लगाया गया। वहीं इंद्रधनुष टीकाकरण का अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। अब तक 797 जगह टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया, सभी जगह टीके लगाए गए। अब तक इंद्रधनुष अभियान में 13736 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया, जिनमें से 9687 को टीका लग चुका है। उन्होंने बताया कि अब तक 3125 गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 2743 को टीका लगाया जा चुका है। वहीं इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना टीकाकरण पूरी तरह से हमारे स्वास्थ्य के लिए हितकारी है।