लखनऊ। बलरामपुर गार्डन में चल रहे 22वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के नौवें दिन श्रीधर अग्निहोत्री की किताब ''''अनसुने सितारे'''' और मनीष शुक्ल की पुस्तक ''''मैं स्वयंसेवक'''' का विमोचन उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किताबों में दर्ज ज्ञान अगली पीढ़ी को हस्तांतरित होता है।
मनीष शुक्ल की पुस्तक में राजनीति की कई करवटों का जिक्र है। श्रीधर की किताब फिल्मों के अनछुए और भुला दिए गए चरित्र नायकों का स्मरण है। राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीशचंद्र मिश्र, चंद्रभूषण सिंह, मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल और हेमंत तिवारी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। शुक्रवार को पुस्तक मेले में कार्यक्रमों की शुरुआत साहित्य साधक की गोष्ठी से हुई। आईपीएस डाॅ. हरीश कुमार की किताब कुंभ पुलिस और पोटलीवाला पर हुई चर्चा में लेखक के साथ डॉ. सूर्यकांत व पल्लवी ने अपने विचार व्यक्त किए। शाम को रेवांत संस्था की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
लेखक व रंग निर्देशक के कृतित्व पर हुई चर्चा
मेले के दौरान एक सत्र में काकोरी एक्शन जैसे अनेक चर्चित नाटकों के लेखक व रंग निर्देशक सुशील कुमार सिंह के वैविध्यपूर्ण लेखन पर चर्चा हुई। लेखक ने अपने रचनाकर्म से परिचित कराते हुए कुछ नाटकों के अंशों का पाठ किया। अभिनेता डाॅ. अनिल रस्तोगी, कला वसुधा पत्रिका के संपादक अशोक बनर्जी, अनिल मिश्रा गुरुजी, ललित सिंह पोखरिया, रंग संगीतकार आलोक श्रीवास्तव, कला समीक्षक राजवीर रतन ने भी उनके नाटकों पर अपने अनुभव साझा किए। वाणी प्रकाशन के सहयोग से अरुण सिंह के संचालन में चले कार्यक्रम में सुशील कुमार सिंह की दूरदर्शन और भारतेंदु नाट्य अकादमी के निदेशक के तौर पर किए गए कार्यों और उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई।
रामलीला बनाम पौराणिक धारावाहिक
उत्कर्ष प्रतिष्ठान व हरेला बाखई की ओर से रामलीला बनाम पौराणिक धारावाहिक के प्रस्तुतिकरण पर एक सत्र के दौरान चर्चा हुई। राजवीर रतन ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित ऐशबाग रामलीला की बदल गई परंपरा का जिक्र किया। रजनीश राज ने अयोध्या में मंचीय रामलीला में फिल्मी कलाकारों के भाग लेने की नई परंपरा के बारे में बताया। नवेद शिकोह ने रंगमंच और परंपरागत रामलीला पर अपनी बात रखी। हेमंत तिवारी ने कहा कि बदलते समय का असर परंपराओं पर भी पड़ा है। संयोजक हरीश उपाध्याय के साथ मोहन सिंह बिष्ट, अर्जल चौधरी, गरिमा पंत, मोहनचंद लखचौरा व प्रांशी ने विचार रखे। ज्योति किरन रतन ने राम भजन पर नृत्य प्रस्तुत किया।
आज के कार्यक्रम
सुबह 11 बजे : पर्यावरण चेतना व सम्मान समारोह- निखिल प्रकाशन।
शाम पांच बजे : सम्मान समारोह- पुस्तक मेला समिति।
शाम 6.45 बजे : कथक- रतन सिस्टर्स ईशा-मीशा का नृत्य।
पुस्तक मेले के नौवें दिन उप मुख्यमंत्री ने किया दो पुस्तकों का विमोचन
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