ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट के पहले रनवे की जमीन के लिए 238 किसानों को जेवर बांगर में शिफ्ट किया जाना है। यमुना प्राधिकरण ने (यीडा) ने 6 मार्च को इन सभी किसानों को आवासीय भूखंड देने की घोषणा की है। नोएडा एयरपोर्ट की नींव अप्रैल माह में रखने की तैयारी है। इसकी नींव रखने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जेवर आ सकते हैं। इसे देखते हुए किसानों को विस्थापित करने का काम तेज हो गया है। कुल 3627 किसानों को जेवर बांगर में बसाया जाना है। ये किसान किशोरपुर, दयानतपुर और रोही गांव निवासी हैं।
एयरपोर्ट का पहला रनवे जहां बनना है वहां से 238 किसानों को शिफ्ट किया जाना है। जेवर बांगर में ही उनके लिए 240 प्लॉट तैयार हो गए हैं। इसी 6 मार्च को ये प्लॉट किसानों को दिए जाएंगे। बुधवार को इसका जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सुहास एलवाई और यीडा के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया मौके पर पहुंचे। दोनों अफसर तैयारी से संतुष्ट दिखे।
इन प्लॉटों के आसपास विकास कार्य भी पूरे हो गए हैं। किसानों का आवंटन पत्र तैयार हो रहा है। ड्रा के जरिए किसानों को प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अपर आयुक्त मेरठ की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसके अलावा सेवानिवृत्त जज और एक आईएएस अधिकारी की निगरानी में आवंटन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसानों की जमीन के हिसाब से उनको प्लॉट दिए जाएंगे। इन किसानों को प्लॉट देने के साथ ही नोएडा एयरपोर्ट के पहले रनवे की जमीन का रोड़ा खत्म हो जाएगा। इसका शिलान्यास किया जा सकेगा। सूत्र बताते हैं कि शिलान्यास की तिथि तय करने के लिए किसानों को आबादी का प्लॉट दिए जाने का इंतजार हो रहा था। अब शिलान्यास की तिथि का एलान जल्द हो सकता है।
फिलहाल पहले रनवे से जुड़े किसानों को प्लॉट दिया जा रहा है, 238 किसानों को छह मार्च को घर बनाने की जमीन पा जाएंगे, प्राधिकरण की कोशिश है कि अप्रैल माह के अंत तक सभी 3627 किसानों को प्लॉट दे दिए जाएं।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड
96 गांवों के विकास पर खर्च हुए 115 करोड़
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के अधीन जेवर की तरफ के कुल 94 गांव आते हैं। प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में करीब 115 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए हैं। यीडा के 10 स्मार्ट सिटी गांवों में हुए विकास कार्य भी इसी में शामिल हैं। ये गांव अच्छेजा बुजुर्ग, डूंगरपुर रीलका, निलौनी शाहपुर, मिर्जापुर, रामपुर, पचोखरा, चांदपुर, मूंजखेड़ा, उस्मानपुर और आछेपुर हैं। सभी गांवों में रोड, सीवर, बारातघर, स्ट्रीट लाइट जैसे कुल 110 विकास कार्य हैं। प्राधिकरण का दावा है कि प्रदेश में किसी एक विधानसभा में इतने विकास कार्य नहीं हुए हैं, जितना कि जेवर एरिया के इन 96 गांवों में हुए हैं।