नई दिल्ली। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दावा किया है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों की वजह से घरेलू तंबाकू उद्योग को करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कार्यक्रम में देशभर से किसान नेता, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और उद्योग जगत के विशेषज्ञ मौजूद रहे।
सेमिनार में भारत के 60 लाख तंबाकू उत्पादक परिवारों की आजीविका को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसमें गैर फ्लू-क्योर वर्जीनिया तंबाकू (एफसीवी) तंबाकू किस्मों की खेती करने वाले परिवारों को लेकर भी बातचीत की गई। हालांकि, यह परिवार तंबाकू बोर्ड के नियामक ढांचे से बाहर आते हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशन के महासचिव मुरली बाबू ने आरोप लगाया कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां, तंबाकू किसानों को आकर्षक दामों का लालच देकर उनका शोषण कर रही है, ताकि वह लंबे समय के लिए उन पर निर्भर हो जाए। संवाद