14 से 20 नवंबर तक सहकारिता सप्ताह में लगाया जाएगा सबसे बड़ा ब्लड डोनेशन कैंप
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। समाज कल्याण, सहकारिता मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने रविवार को कहा कि दिल्ली में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि सहकारिता विभाग के मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी अपने खाते सहकारी बैंकों में खुलवाएंगे ताकि जनता के बीच इन बैंकों के प्रति विश्वास और सहभागिता का मजबूत संदेश जाए।
इन्द्राज दिल्ली नागरिक सहकारी बैंक की वार्षिक आम सभा (एजीएम) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने बैंक के अध्यक्ष, निदेशक मंडल और सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक विकास का जीवन मंत्र है। दिल्ली सरकार, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अंत्योदय के लक्ष्य को साकार कर आत्मनिर्भर भारत व विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि कुछ माह में दिल्ली के 12 प्रमुख सहकारी बैंकों के अध्यक्षों और निदेशकों के साथ विस्तृत बैठकें हुई हैं जिनमें उपभोक्ता सेवाओं को सुदृढ़ करने और बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की गई। दिल्ली के विभिन्न इलाकों विशेषकर ग्रामीण और पुनर्वास कॉलोनियों में सहकारी बैंकों की नई शाखाएं खोली जाएंगी ताकि आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकें। 14 से 20 नवंबर तक सहकारिता सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान दिल्ली में अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। यह सप्ताह सहकार से समृद्धि की भावना को सशक्त करने का प्रतीक होगा जिसमें सभी बैंक, हाउसिंग सोसाइटी, क्रेडिट यूनियन और स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इसके अलावा अगले वर्ष आरसीएस कार्यालय परिसर में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी जो सहकारिता की भावना को देशभक्ति और सेवा के आदर्शों से जोड़ने का प्रतीक होगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही दिल्ली में सहकारी स्टोर्स की स्थापना की जाएगी, जहां स्व-सहायता समूहों की ओर से तैयार ऑर्गेनिक उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इससे स्थानीय उत्पादकों और महिलाओं को सीधा बाजार मिलेगा व रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिलेगा।