700 खरीदारों के प्रोजेक्ट को बनाने का रास्ता साफ
ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-143 स्थित फेस्टिवल सिटी प्रोजेक्ट के प्रथम चरण को पूरा कराने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) इसे पूरा करने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को देगा। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी हो जाएगा। पंजीकरण रद्द होने के बाद जमीन के विवाद के कारण इसे पूरा कराने में दिक्कत आ रही थी। जिस पर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
फेस्टिवल सिटी प्रोजेक्ट मिस्ट डायरेक्ट सेल्स प्राइवेट लिमिटेड बिल्डर का है। यूपी रेरा ने दिसंबर, 2019 में प्रोजेक्ट के फर्स्ट फेज का पंजीकरण रद्द कर दिया था। फर्स्ट फेज में 700 खरीदार हैं। बिल्डर ने पंजीकरण रद्द करने के आदेश को ट्रिब्युनल में चुनौती दी, लेकिन सितंबर, 2020 में ट्रिब्युनल ने बिल्डर की अपील को खारिज कर दिया। साथ ही यूपी रेरा को प्रोजेक्ट पूरा कराने और जमीन के विवाद को सुलझाने का आदेश दिया था। यूपी रेरा के चेयरमैन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के साथ बैठक की। बैठक में एक तीन सदस्य समिति का गठन किया गया। समिति ने विवादित जमीन पर अपनी रिपोर्ट यूपी रेरा को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर यूपी रेरा ने फेस्टिवल सिटी के फर्स्ट फेज को पूरा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। अफसरों ने बताया कि जमीन के बीच एक एनजीओ की जमीन आ रही है, लेकिन फर्स्ट फेज की जमीन में किसी तरह का विवाद नहीं है।
फर्स्ट फेज में 30 प्रतिशत काम पूरा
खरीदारों ने बताया कि फर्स्ट फेज में किसी तरह का जमीन विवाद नहीं है। इस संबंध में यूपी रेरा को कई बार अवगत कराया गया। फर्स्ट फेज में 30 प्रतिशत निर्माण हो चुका था। अब बाकी काम होने की उम्मीद जगी है।
प्राधिकरण करेगा विवाद का समाधान
यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि प्रोजेक्ट के फेज दो व तीन यूपी रेरा में पंजीकृत हैं। वहां अगर जमीन संबंधी विवाद है तो नोएडा प्राधिकरण समाधान करेगा। इन दोनों फेज में भी खरीदार हैं। हालांकि, यूपी रेरा ने खरीदार होने से इंकार किया है।
फेस्टिवल सिटी के फर्स्ट फेज में किसी तरह का जमीन विवाद नहीं है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद यूपी रेरा ने प्रोजेक्ट को पूरा कराने का फैसला लिया है। नोएडा प्राधिकरण को जिम्मेदारी दी जाएगी। जल्द ही इस संबंध में प्राधिकरण को आदेश जारी किया जाएगा।
बलविंदर कुमार, सदस्य यूपी रेरा