सीतापुर रोड स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में बुधवार को प्रबुद्
लखनऊ। सीतापुर रोड स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में बुधवार को प्रबुद्धजन के साथ छात्र और शिक्षकों का संवाद हुआ। वक्ताओं ने युवाओं को सचेत किया कि यह दौर आधुनिक व नई तकनीक का है। इस दौर में अनुवाद से अनुवाद तक काम नहीं चलेगा बल्कि युवाओं को नए ज्ञान की संरचना करनी होगी।
कार्यक्रम में आईएएस आलोक कुमार, पीसीएस एसएन साबत, आईएएस अनूप चंद्र पांडेय, जिलाधिकारी विशाख जी व अन्य शामिल हुए। साझा संवाद में वक्ताओं ने कहा कि इतिहास का अनुवाद कब तक करेंगे। अब हमें उससे आगे बढ़ने की जरूरत है। नई तकनीक से सीखने की जरूरत है। एआई जैसे आधुनिक टेक्नोलॉजी में दक्ष होने पर ही भारत विकसित देश का लक्ष्य पूरा करेगा।
वक्ताओं ने कहा कि केवल किताबें पढ़कर ज्ञान की प्राप्ति नहीं की जा सकती है। इसके लिए लीक से हटकर सोचना होगा। आपकी जो डिग्री है वह केवल एक फीस रसीद है। पढ़ाई के समय जो ज्ञान और प्रशिक्षण लिया है। वही काम आएगा। कुशल प्रशिक्षण के लिए नए कौशल में दक्ष होना होगा।
शिक्षिका के सवाल का वक्ताओं ने नहीं दिया जवाब
संवाद कार्यक्रम के दौरान राजकीय महिला इंटर कॉलेज की एक शिक्षिका ने सवाल किया। हमारे यहां सिलाई कढ़ाई और ब्यूटीशियन के दो कोर्स चलते हैं। अब तक 200 से अधिक छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया लेकिन, किसी को रोजगार नहीं मिला। मेरा सवाल है कि इस तरह के प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के लिए नौकरी कहां और किस क्षेत्र में है। वक्ताओं ने कहा कि आप मुझे एक पेपर पर अपना सवाल लिखकर दे दें। आपको ईमेल के माध्यम से जानकारी दी जाएगी यहां नहीं। यहां केवल सुझाव मांगा जा रहा है।
सीतापुर रोड स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में बुधवार को प्रबुद्