अब ग्रेनो में भी मॉल और दुकान बना सकेंगे किसान
ग्रेटर नोएडा। अब ग्रेनो में भी किसान मॉल और दुकान बना सकेंगे। किसानों से जमीन लेने की लैंड पूलिंग नीति को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने स्वीकार कर लिया है। इस पर बोर्ड ने भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत विकसित जमीन का आधा हिस्सा किसानों को मिलेगा। इस पर किसान मकान, दुकान, उद्योग आदि लगा सकेंगे। किसानों को शहर की बसावट में भागीदारी के लिए शासन ने लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी दी थी। बीते दिनों ग्रेनो प्राधिकरण ने इसे स्वीकार कर लिया था, लेकिन बोर्ड से अनुमति लेना बाकी थी। बुधवार को बोर्ड बैठक से भी मंजूरी मिल गई। अब प्राधिकरण इस नीति से जमीन खरीद सकेगा। इसके बाद जमीन को विकसित कर आधा हिस्सा किसानों को दे देगा। किसानों को दी गई भूमि में 80 प्रतिशत औद्योगिक उपयोग, 12 प्रतिशत आवासीय उपयोग व 8 प्रतिशत भूमि वाणिज्यिक उपयोग के लिए होगी। बोर्ड के समक्ष यह प्रस्ताव भी रखा गया कि इस साल 4550 किसानों को 6 फीसदी आवासीय भूखंड दिए जाएंगे। इसमें 550 किसानों को अगले हफ्ते लीज प्लान जारी हो जाएगा। बाकी को बाद में दिया जाएगा।
सभी प्रोजेक्ट के खुलेंगे एस्क्रो खाते
प्राधिकरण ने बिल्डरों, वाणिज्यिक संस्थाओं और अन्य संपत्तियों से बकाया रकम वसूलने के लिए एस्क्रो खाता खुलवाने का निर्णय लिया है। एस्क्रो खाते में प्राप्त होने वाली धनराशि की न्यूनतम 20 प्रतिशत व अधिकतम 49 प्रतिशत सीमा तय की गई है।
प्राधिकरण 14 गांवों की खरीदेगा जमीन
ग्रेटर नोएडा के विस्तार के लिए प्राधिकरण ने 14 और गांवों की जमीन खरीदने का निर्णय लिया है। इस पर करीब 2000 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्राधिकरण ने इसके लिए 1500 करोड़ रुपये का ऋण भी ले लिया है। यह जमीन विकसित कर उद्योगों के लिए आवंटित की जाएगी। वहीं, ग्रेटर नोएडा में भी अब उद्योगों के रेट पर लॉजिस्टिक हब और वेयर हाउस बनाने के लिए जमीन मिल सकेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शासन की नीति को स्वीकार कर लिया है। अब तक वाणिज्यिक दर पर भूखंड आवंटित करने का निर्णय लिया गया था।
मृतक आश्रित को मिलेगी नौकरी
प्राधिकरण ने उप्र सेवाकाल में मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों की भर्ती नियमावली, 1974 को पास कर दिया है। अब सेवाकाल के दौरान यदि प्राधिकरण के कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उसके आश्रित को प्राधिकरण में नौकरी दी जाएगी। यह नियम पहले औद्योगिक विकास प्राधिकरण लागू नहीं था।
130 औद्योगिक आवंटियों को मिली राहत
प्राधिकरण ने औद्योगिक आवंटियों को एक और मौका दिया है। सेक्टर ईकोटेक-11 में 130 औद्योगिक आवंटियों को लीज डीड कराने के लिए दो माह का समय दिया गया है। साथ ही जिन लोगों ने कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया ह्रै उनको दो साल का वक्त दिया गया है। इन आवंटियों की लीज डीड कराने और कंपलीशन सर्टिफिकेट लेने की समयसीमा खत्म हो चुकी है।