- मुख्यमंत्री से की शिकायत, बोले- ठीक करा दी होती लाइट, लगते साइनबोर्ड तो नहीं मरता युवक
- विधायक का दावा, 21 सितंबर और 12 जनवरी को मौके पर कमी दूर करने के लिए लिखा का पत्र
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। लापरवाह अधिकारियों ने युवराज को मार दिया। हादसे वाली जगह पर प्राधिकरण ने पत्र लिखे जाने के बाद लाइट और जरूरी साइनबोर्ड लगा दिए होते तो आज युवराज परिवार के साथ होता। यह कहना है दादरी विधायक तेजपाल नागर का। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना नोएडा प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की कमी से हुई है। यहां गड्ढा, स्ट्रीटलाइट की कमी हादसे की वजह बने। यह सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मैंने खुद 21 सितंबर 2025 और 12 जनवरी 2026 को इस कमी को दूर कराने के लिए पत्र नोएडा प्राधिकरण को लिखे। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की थी। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से एक परिवार ने अपने इकलौते होनहार बेटे को खो दिया। विधायक ने यह भी मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं इस विकसित शहर में नहीं हों। इसके लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की यूनिट गौतमबुद्ध नगर में बनाई जाए।
अमर उजाला से बातचीत में विधायक ने बताया कि लापरवाही का आलम यह है कि 21 सितंबर को जिन दो जगहों के लिए पत्र लिखा। उसमें कम जरूरत वाली जगह पर लाइट ठीक करा दी गई। जहां हादसे की सबसे अधिक आशंका स्थानीय लोग जता रहे थे। वहीं कोई काम नहीं कराया गया। यह हद दर्जे की लापरवाही है। इसके बाद संविदा पर तैनात जेई को निलंबित करके अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। दूसरे विभागों में तो कोई जिम्मेदारी ही नहीं मान रहा।
आर्थिक सहायता के लिए लिखा पत्र
विधायक तेजपाल नागर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है। उनका कहना है कि युवराज के परिवार में कोई और कमाने वाला नहीं है। ऐसे परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया है। परिवार के भरणपोषण के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दिया जाना उचित होगा।