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Noida News: नोएडा की प्रदूषित हवा में सांस लेना भारी, वर्क फ्रॉम होम की मांग

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-दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को देखते हुए वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की है
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-नोएडा वासियों की भी प्रशासन से मांग, वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाए

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा की प्रदूषित हवा में शहरवासियों को सांस लेना भारी पड़ रहा। ऐसे में शहरवासियों की ओर से अब वर्क फ्रॉम होम की मांग शुरू की गई है। कुछ लोगों ने कहा कि प्रशासन को वर्क फ्रॉम कर देना चाहिए। ऐसे में लोगों का बाहरी आवागमन कम होगा और सड़कों पर ट्रैफिक भी कम हो जाएगा। इससे हवा की गुणवत्ता में हल्का सुधार हो सकता है।

नवंबर का महीना बीतने को है और कई दिनों से शहरवासियों को एक दिन भी साफ हवा नसीब नहीं हुई। हर दिन एक्यूआई 300 से अधिक रेड जोन में है। 31 अक्तूबर को एक्यूआई येलो जोन में 163 रहा था। इसके बाद से एक दिन भी एक्यूआई येलो जोन में नहीं रहा।
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एक्यूआई 300 से अधिक हो तो इस पर विचार करें
नोएडा वासियों के लिए भी वर्क फ्रॉम होना चाहिए, क्योंकि जितनी गाड़ियां सड़कों से कम होंगी उतना ही प्रदूषण कम होगा। जब एक्यूआई 300 से अधिक हो जाए तो वर्क फ्रॉम होम के बारे में सोचना चाहिए।
अमित गुप्ता, प्रतीक विस्टीरिया सेक्टर-77

इन दिनों प्रदूषण इतना है कि इससे बचाव के लिए वर्क फ्रॉम होम के अलावा फिलहाल कोई रास्ता नजर नहीं है। सड़कों पर गाड़ियां कम होंगी तो प्रदूषण कम हो सकता है।
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विनोद कुमार गुप्ता, केपटाउन सेक्टर 74

दिल्ली सरकार वर्क फ्रॉम होम की कवायद हर साल करती है। लेकिन सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलता है और वह भी न के बराबर। अर्ध सरकारी कंपनी में भी इस बारे में सोचना चाहिए।
ब्रजेश शर्मा, अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-2 सेक्टर 78

अधिकतर कंपनियों में प्यूरीफायर जैसे उपाय नहीं हैं। रोजाना नहीं तो सप्ताह में दो-तीन दिन के लिए वर्क फ्रॉम के बारे में सोचना चाहिए।
कविता कुमार राजेश, एक्सोटिका फ्रेस्को सेक्टर 137
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