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नोएडा के विकास को लगेंगे पंख, खर्च होंगे 4123 करोड़

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नोएडा। प्राधिकरण की शुक्रवार को आयोजित 202वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 4505 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखा गया। इसमें गांवों के लिए 125.5 करोड़ और विकास एवं निर्माण कार्यों पर 1596.75 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में 5287 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। 2021-22 के लिए 4505 करोड़ रुपये आय और 4123 करोड़ रुपये व्यय का का लक्ष्य रखा गया है।
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बोर्ड बैठक में 36 प्रस्ताव लाए गए। इस बार भूमि अधिग्रहण पर 441.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह से शहरी एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर 823.56 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ऋण एवं अग्रिम मद के लिए भी 72.5 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रस्तावित आय के तहत औद्योगिक योजनाओं के आवंटियों से 190 करोड़, आवासीय भूखंड से 260 करोड़, आवासीय भवन से 80 करोड़, वाणिज्यिक योजनाओं से 750 करोड़, संस्थागत योजनाओं से 200 करोड़ और ग्रुप हाउसिंग योजनाओं से 600 करोड़ रुपये की प्राप्ति का लक्ष्य है। बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास आयुक्त व नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव कुमार मित्तल, प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह के अलावा ऑनलाइन माध्यम से अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण शामिल हुए। सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बोर्ड रूम में प्राधिकरण के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हेलीपोर्ट की डीपीआर को मंजूरी, शासन को भेजी जाएगी
नोएडा। सेक्टर-151ए में प्रस्तावित हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए तैयार की गई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। यही नहीं रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को भी मंजूरी दे दी गई। अब इसे शासन को भेजा जाएगा। राइट्स की ओर से बनाई गई डीपीआर के तहत हेलीपोर्ट का निर्माण 9.35 एकड़ में होगा जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बनाया जाएगा। हेलीपोर्ट उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा के पर्यटन स्थलों और तीर्थयात्रा स्थल को जोड़ेगा। साथ ही, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के अलावा नोएडा एयरपोर्ट से भी जुड़ेगा। इस हेलीपोर्ट पर बेल-412, बेल-407, व एमआई-172 हेलीकॉप्टर के संचालन की सुविधा के साथ-साथ हेलीपैड, टैक्सी-वे, हैंगर व टर्मिनल बिल्डिंग आदि की सुविधा होगी। कंसलटेंट कंपनी की ओर से सभी विभागों को एनओसी के लिए आवेदन कर दिया गया है।
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स्पोर्ट्स सिटी मामले में गठित कमेटी ने दी अपनी रिपोर्ट
स्पोर्ट्स सिटी के मामले में गठित कमेटी ने रिपोर्ट बोर्ड के सामने प्रस्तुत की थी। इसमें एक कमेटी का गठन किया गया था और कहा गया था उक्त कमेटी फील्ड सर्वे करने के बाद एक कार्ययोजना तैयार करे और इसके बाद यह बताए कि यहां किस तरह से अधूरे स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सकता है। इस बाबत कमेटी के सदस्यों ने सेक्टर-78, 79 और 150 में मौके पर जाकर रिपोर्ट बनाई। इसमें बताया गया कि स्पोर्ट्स सिटी को लेकर सीएजी ने भी सवाल उठाए थे और सब डिवीजन आदि पर रोक लगाने की बात कही थी। इस मामले में प्राधिकरण की ओर से तब तक लीज डीड नहीं खोलने की बात कही गई थी जब तक वहां खेलों की सुविधाएं विकसित न हो जाएं।
अब चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज नोएडा होगा नया नाम
सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम में बनी शूटिंग रेंज का नाम शूटर दादी चंद्रो तोमर के नाम पर रखने की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कर चुके हैं। इसे आगे बढ़ाते हुए प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में शूटिंग रेंज का नाम अब चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज नोएडा रखने का प्रस्ताव बोर्ड में लाया गया।
नए विकसित सेक्टरों में औद्योगिक प्लॉट की दरें 20% बढ़ीं
नोएडा। शहर के नए विकसित सेक्टरों में औद्योगिक प्लॉट की दरों में प्राधिकरण ने 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में की गई है। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया है। प्राधिकरण के मुताबिक, फेज-2 में जिन सेक्टरों में दरें बढ़ी हैं उनमें नए विकसित सेक्टर-151, 155, 160, 145 सहित एक्सप्रेसवे के किनारे के सेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा सेक्टर-80, 81, 82 के खाली प्लॉट की दरें भी 20 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। नोएडा प्राधिकरण की ओर से नए औद्योगिक सेक्टरों को विकसित करने का काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि यहां लोग काफी आकर्षित होंगे। यहां अभी औद्योगिक प्लॉट की कीमत करीब 13,870 रुपये प्रति वर्गमीटर है।
संस्थागत फेज-3 क्षेत्र की दरें औद्योगिक क्षेत्र फेज-3 के बराबर
बोर्ड ने संस्थागत फेज-3 क्षेत्र के अंतर्गत आईटी और आईटी इनेबल सर्विसेज के प्लॉट की दरें औद्योगिक प्लॉट की दरों के बराबर कर दिए हैं। औद्योगिक फेज-3 क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-62, 63 आदि के क्षेत्र हैं। प्राधिकरण की सीईओ ने बताया कि इसके अलावा दूसरे किसी क्षेत्र अथवा विभाग के अंतर्गत आने वाले प्लॉट की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
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