कार्रवाई में सीज किए वाहनों को भी यहां किया जाता है खड़ा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा डिपो संवरने के बजाय और बदहाली की ओर बढ़ता जा रहा है। डिपो में पुराने वाहनों का भी अंबार लगता जा रहा है। डिपो का बड़ा हिस्सा इन वाहनों से ही घिरा हुआ है। कुछ समय पहले इन्हें नीलाम करने की योजना भी बनाई गई थी लेकिन वो फाइलों में ही रह गई। डिपो के बेड़े में 188 बसें हैं। यहां पर वर्कशाप का भी संचालन होता है। जो बसें बिगड़ जाती हैं उनकी भी मरम्मत इसी परिसर में होती है। इसके अलावा परिसर में ड्यूटी रूम, समेत विभिन्न कार्यालय भी हैं। परिवहन विभाग विभिन्न मामलों में वाहनों पर कार्रवाई करता है। जिसके तहत वाहनों को सीज किया जाता है । उनके खड़ा करने के लिए जो स्थान निर्धारित किया गया है वो भी डिपो का परिसर ही है। वहीं एआरएम रोहिताश कुमार ने बताया कि डिपो की बसों के साथ कार्रवाई के तहत पकड़े गए कई वाहन भी परिसर में खड़े रहते हैं। इसीलिए बस, ट्रेवलर, कार समेत कई वाहन यहां पर खड़े हैं।
करोड़ों की कीमत वाली डबल डेकर बसें भी खड़ीं
सौगात के रूप में मिली डबल डेकर बसें भी इन कबाड़ के वाहनों के बीच खड़ी हैं। परिसर में इतनी जगह तक नहीं है कि दस डबल डेकर बसें एक साथ खड़ी हो सकें। दो बस अलग, तीन बसें कुछ दूरी पर और बाकी बसें अन्य छोर पर खड़ी हैं।