होली पर लोगों के जमकर रंग खेलने का असर जिला असपताल में भी दिखा। त्योहार और उसके एक दिन बाद आंखों और त्वचा की परेशानी की समस्या को लेकर 383 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। होली के दिन सामान्य ओपीडी बंद रहने पर इमरजेंसी और विशेष ओपीडी में मारपीट, सड़क हादसे, डॉग बाइट, प्वाइजनिंग, त्वचा और आंखों में परेशानी को लेकर मरीज का इलाज किया गया। वहीं, गुरुवार को मरीजों की संख्या खासी ज्यादा रही।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, होली के दिन करीब 210 मरीजों ने इमरजेंसी में इलाज कराया। इनमें 17 मरीज सड़क हादसे, 54 मारपीट में हुए घायल, 40 डॉग बाइट, एक प्वाइजनिंग और एक गंभीर मरीज शामिल रहा। वहीं, अगले दिन यानी गुरुवार को करीब 3521 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों को त्वचा और आंखों में एलर्जी थी। इससे ओपीडी के बाहर लंबी कतारें मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार के एक दिन बाद आठ सिजेरियन और सात आंखों के ऑपरेशन हुए।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि करीब 155 मरीज आंखों से संबंधित परेशानी लेकर पहुंचे। इनमें से कई लोगों को आंखों में रंग या पानी जाने के कारण परेशानी हो रही थी। हालांकि, अधिकतर मामलों में समस्या गंभीर नहीं थी। वहीं, कुछ ने आंखों में जलन, खुजली और पानी आने की शिकायत की। दूसरी ओर त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दुबे ने बताया कि ओपीडी में करीब 228 मरीज स्किन से जुड़ी समस्याएं लेकर आए। उन्हें स्किन एलर्जी, खुजली और रैशेज की शिकायत थी। डॉ. अभिषेक के अनुसार त्वचा शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा है। इसलिए रंग के बाद त्वचा में जलन, खुजली या लाल चकत्ते दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करें।
होली के दिन भी अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रही। अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रयासरत है।
- डॉ. अजय राणा, सीएमएस जिला अस्पताल