शुभम का आरोप है कि डॉक्टरों ने कोई जानकारी नहीं दी। शाम करीब 4.30 बजे जब वे आईसीयू में पहुंचे तो उनके पिता अचेत अवस्था में पड़े थे। शक होने पर जब डॉक्टरों से पूछा गया तो शाम करीब पांच बजे मौत की जानकारी दी गई। परिजनोंं ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए अस्पताल पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
अस्पताल ने दी ये सफाई
वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज को पहले से दिल और सांस की बीमारी थी। उनका शुगर बढ़ा हुआ था। कूल्हे की सर्जरी से पहले मरीज की हालत स्थिर करना जरूरी था। परिजनों को मरीज से संबंधित हर अपडेट दी जा रही थी। इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती गई। परिजनों का आरोप निराधार है।