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महिला नेता चला रही थी हनी ट्रैप गिरोह, होटल को बना रखा था अड्डा

Tue, 29 Sep 2020 06:17 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार आरोपी - फोटो : amar ujala
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डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक को हनी ट्रैप में फंसा कर अपहरण करने के मामले में नोएडा पुलिस ने खुद को भाजपा नेता बताने वाली महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक सेक्टर-41 अगाहपुर निवासी सुनीता गुर्जर गिरोह की सरगना है। पुलिस ने सेक्टर-41 स्थित ओयो होटल के संचालक राकेश उर्फ रिंकू फौजी और भिवाड़ी (राजस्थान) निवासी दीपक को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने होटल को हनी ट्रैप का अड्डा बना रखा था। पुलिस का दावा है कि गिरोह नोएडा व एनसीआर में हनी ट्रैप की कई वारदात कर चुका है। अपर मुख्य सचिव (गृह) ने आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को 5 लाख नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। नोएडा पुलिस को पहली बार किसी खुलासे पर इतना बड़ा इनाम मिला है।

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अहम है कि पुलिस की टीम ने रविवार रात को अपहृत वैज्ञानिक को सकुशल मुक्त कराते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ा था। आरोपियों के पास से वैज्ञानिक की कार, घटना में प्रयुक्त मोबाइल समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस ने बताया कि मामले में दो आरोपी बरौला निवासी अनिल कुमार शर्मा और सेक्टर-27 निवासी आदित्य कुमार फरार हैं। पुलिस के मुताबिक राकेश उर्फ रिंकू फौजी ने 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह के किराये पर होटल ले रखा था। सेक्टर-41 के जिस ओयो होटल में वैज्ञानिक को अगवा कर रखा गया था वहां 16 कमरे बने हुए हैं। पुलिस ने होटल में चेक इन कर चुके 800 से अधिक लोगों का डाटा लिया है जो पिछले कुछ माह में यहां रुके थे। होटल का संचालन वर्ष 2017 से किया जा रहा है।
होटलों की जांच के लिए डीएम को भेजा पत्र

पुलिस के मुताबिक नोएडा और ग्रेटर नोएडा में चलने वाले कई होटल हनी ट्रैप और देह व्यापार का अड्डा बन गए हैं। वारदात के खुलासे के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने ओयो होटल की जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। बताया जाता है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 1000 से अधिक ओयो होटल हैं।
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ऑनलाइन नंबर सर्च कर जाल में फंसे वैज्ञानिक
पुलिस के दिल्ली स्थित डीआरडीओ में कार्यरत वैज्ञानिक सेक्टर-77 में रहते हैं। कुछ दिन पहले वैज्ञानिक ने मसाज के लिए ऑनलाइन नंबर सर्च किया था। एक नंबर से उनकी बात हुई। जिसके बाद उनके व्हॉट्स एप नंबर पर मसाज करने वाली कुछ युवतियों की तस्वीरें भेजी गईं। युवती पसंद करने के बाद वह शनिवार शाम को कार से सिटी सेंटर के पास पहुंचे। यहां उनकी कार पार्किंग में खड़ी कर दी गई। दूसरी कार में बैठाकर सेक्टर-41 स्थित ओयो होटल ले जाया गया। जहां उन्हें बंधक बना लिया गया। जिसके बाद उनकी पत्नी से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।

बिग बॉस के वीडियो में दिख चुकी है महिला
गिरफ्तार महिला सुनीता गुर्जर के बारे में बताया जा रहा है कि यह महिला बिग बॉस की एक वीडियो में दिख चुकी है। महिला को बिग बॉस के विजेता का रिश्तेदार बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने इस बारे में चुप्पी साध रखी है। बिग बॉस की बात सामने आने के बाद महिला के गांव अगाहपुर में चर्चाएं शुरू हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह महिला बिग बॉस विजेता के दूर की रिश्तेदार है।

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आरोपी महिला ने पूर्व केंद्रीय मंत्री का नाम लेकर पुलिस वालों को धमकाया

हनी ट्रैप नेटवर्क चलाने के आरोप में पकड़ी गई सुनीता गुर्जर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी रही है। पुलिस ने जब सुनीता को गिरफ्तार किया तो खुद को भारतीय जनता पार्टी का नेता बताते हुए वह पुलिसकर्मियों से उलझ गई। वह एक पूर्व केंद्रीय मंत्री के नाम पर पुलिस वालों को धमकी देने लगी। पुलिस जांच में उसके पास से कई ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जिससे वह पार्टी से जुड़ी हुई लग रही है। उसके पास से दो पैन कार्ड और दर्जनों अलग-अलग संस्थानों के कार्ड मिले हैं।

पहले थी भाजपा कार्यकर्ता, अब लेनादेना नहीं
महिला के भाजपा नेता होने के दावे को पार्टी ने खारिज कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि सुनीता गुर्जर पहले भाजपा का कार्यकर्ता थी। अब भाजपा से उसका कोई लेनादेना नहीं है।

फिरौती की रकम के लिए वैज्ञानिक की पिटाई
आरोपियों ने सेक्टर-41 स्थित ओयो होटल में वैज्ञानिक को बंधक बना लिया। इसके बाद वैज्ञानिक की पत्नी को फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। दोनों पक्षों के बीच मोलभाव होता रहा। जिसके बाद फिरौती की रकम लेने के लिए वैज्ञानिक की पिटाई शुरू कर दी गई। इसका वीडियो बनाकर परिजनों को भेजा गया।

डीआरडीओ से मिली थी शिकायत
मामले में वैज्ञानिक के घर वालों ने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की थी। परिजन पैसों का इंतजाम में जुटे थे। इसी दौरान इसकी जानकारी वैज्ञानिक के ऑफिस को लगी। वहां से पुलिस कमिश्नर से संपर्क किया गया। पुलिस कमिश्नर को इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम अलर्ट हो गई और ऑपरेशन में जुट गई।

कमिश्नरेट पुलिस की टीम ने इस सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो अन्य आरोपी फरार हैं। घटना के सफल अनावरण और अपहृत को सकुशल खोज निकालने पर अपर मुख्य सचिव गृह ने पुलिस की टीम को पांच लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। - रणविजय सिंह, एडीसीपी
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