नोएडा सेक्टर 30 स्थित जिला अस्पताल में मंगलवार सुबह कोरोना की टीका लगवाने के करीब एक घंटे बाद 49 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद हार्ट अटैक आने का दावा किया है, वहीं परिजनों ने अस्पताल और टीकाकरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया।
स्वास्थ्य विभाग के तीन डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। इसके साथ ही विसरा सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। उधर, सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल के मुताबिक मृतक व्यक्ति का टीकाकरण बीमार वर्ग के अंतर्गत हुआ था। वह पहले उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित थे।
सेक्टर 31 स्थित निठारी गांव के 49 वर्षीय समयलाल यादव ने मंगलवार सुबह कोरोना का टीका लगवाया था। परिजनों के मुताबिक सुबह करीब 6 बजे बाएं हाथ में दर्द की शिकायत हुई। गरम पानी से सिकाई करने पर भी आराम नहीं मिला तो परिजन उन्हें सुबह 7 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने दर्द की दवा देने के बाद आयु व मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर कोरोना का टीका लगवाने की सलाह दी। समयलाल ने टीकाकरण केंद्र पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाया और खुद को मधुमेह व रक्तचाप का मरीज बताया।
10 बजे वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे अस्पताल
चूंकि अस्पताल में टीकाकरण की प्रक्रिया सुबह आठ बजे के बाद शुरू होती है और रजिस्ट्रेशन के आधार पर लाभार्थियों को क्रम से समय दिया जाता है। समयलाल के रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें टीका लगने की अवधि तक काफी समय शेष था। इसलिए वह घर चले गए। घर जाकर पुत्री को वैक्सीनेशन कार्ड दिखाया तो उन्हें वैक्सीन लगवाकर आने की सलाह दी। इसके बाद वह दोबारा करीब 10 बजे वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचे। करीब साढ़े 10 बजे उन्हें टीका लगाया गया। टीका लगने के करीब 45 मिनट तक वह डॉक्टरों की निगरानी में रहे। इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
परिजनों ने कहा-घर जाने के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद समयलाल घर पहुंचे तो कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ गई। शरीर में कंपकंपी महसूस हुई और थोड़ी देर बाद मुंह से झाग आने लगे। करीब 11.30 बजे परिजन उन्हें जिला अस्पताल लाए, जहां चिकित्सक ने ब्रॉट डेड घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने यह कहते हुए हंगामा किया कि मृतक को पहले से कोई बड़ी बीमारी नहीं थी, टीके के कारण उनकी हालत बिगड़ी। सूचना पर सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराया। मौके पर सीडीओ अनिल कुमार, एडिशनल डीसीपी नोएडा रणविजय सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट उमा शंकर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी, सीएमएस डॉ. रेणु अग्रवाल भी मौजूद रहीं।
मधुमेह व रक्तचाप संबंधी परेशानी थी
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि समयलाल ने टीके के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान खुद को मधुमेह व रक्तचाप संबंधी परेशानी होने की जानकारी दी थी। इसके बाद ही उन्हे गंभीर मरीज की श्रेणी में शामिल कर टीका लगाया गया।