लॉकडाउन के कारण बंद शराब की दुकानें मंगलवार सुबह 10 बजे जैसे ही खुलीं तो हर ठेके पर भीड़ जुट गई। यहां टीकाकरण से भी लंबी लाइन शराब खरीदने के लिए लग गई। शराब के चक्कर में लोगों ने न मास्क पहना और न ही दो गज दूरी का पालन किया और नशे के चक्कर में जान जोखिम में डाल दी।
इस दौरान लोगों में धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन कोई परवाह नहीं की। वहीं, पहले दिन शराब की दुकानों पर भीड़ को देखते हुए जमकर मुनाफा भी कमाया गया। जो बोतल 460 रुपये की थी उसे 660 रुपये में बेचा गया। वहीं, विरोध पर शराब नहीं देने की चेतावनी दी गई। इसके बाद भी लोगों ने जमकर खरीदारी की।
प्रदेश सरकार ने 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है। लॉकडाउन के कारण ही लगभग 10 दिन से शराब की दुकानें बंद थीं। मंगलवार को सरकार ने शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी। आदेश मिलते ही शहर की सभी दुकानें और ठेके सुबह 10 बजे खुले गए। इसके बाद तो यहां लंबी कतार लग गई। कई जगह तो जल्दबाजी के कारण लोग आपस में भिड़ भी गए।
सेक्टर-22 में शराब खरीदने आए विरेंद्र ने फोटो नहीं खिंचवाने की शर्त पर बताया कि जो बोतल 460 रुपये की है, उसे 660 रुपये में खरीदना पड़ा है। इसी तरह मामूरा में शराब खरीदने आए संदीप ने बताया कि उन्होंने जो बोतल को खरीदी है, उसकी कीमत 1000 रुपये है, लेकिन आज 150 रुपये ज्यादा चुकाने पड़े हैं। इसी तरह सेक्टर-5, 18 और 62 आदि की दुकानों पर भी मनमाने दाम वसूले गए।
कोरोना काल में शराब की दुकानें सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुलेंगी। इसके बाद दुकान खोली गई तो लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा। अधिक दाम पर बिक्री की शिकायत मिलने पर दुकान का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
- राकेश बहादुर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी