कहते हैं हर सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और संघर्ष छुपी होती है। ठीक उसी तरह मृणाल की सफलता की कहानी के पीछे भी कड़ी मेहनत और लगन साफ नजर आती है। योग दिवस पर आयोजित बेवीनार के दौरान नोएडा समेत देश के युवाओं के सामने अपने बारे में बताते हुए मृणाल किशोर ने कहा कि उन्हें बचपन से ही भीड़ से हटकर कुछ अलग करने के जुनून था। इसी कारण उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में करियर चुना।
मृणाल ने बताया कि उन्होंने निफ्ट कॉलेज में दाखिला लिया। वह अच्छे से जानते थे कि किसी हुनर के लिए डिग्री जरूरी नहीं है। मगर, किसी चीज में मास्टरी हासिल करने के लिए उसे सीखना पड़ेगा। साथ ही साथ कॉलेज में दाखिले के बाद उन्होंने कई अन्य काम भी शुरू किए। जैसे- कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित करना, सेमिनार में भाग लेना और मैनेजमेंट कोर्स शुरू करना आदि।
यहां से उनकी दिलचस्पी इवेंट मैनेजमेंट में बढ़ने लगी, जिसके चलते उन्होंने बोबीस एंटरटेनमेंट की नींव रखी। हमेशा से ही एक चैंपियन के रूप में मृणाल ने खुद को साबित किया है, जिसके लिए उन्हें कॉलेज के सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेस्ट इवेंट कोऑर्डिनेटर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके बाद से ही बोबीस एन्टरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक मृणाल किशोर, जो युवाओं को लघु उद्यमी बनने की प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरे हैं। बिहार में सरकार का सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम वसंत उत्सव को आयोजित करने का विचार बिहार के सीएम नीतीश कुमार को खुद मृणाल किशोर ने दिया था।
2016 में बोबीस की नींव रखी, और महज 5 साल में वह करोड़ों युवा उद्यमियों के लिए मिसाल बन गए हैं। 2018 में फिक्की फ्लो द पावर टू इमपॉवर की तरफ से उन्हें 2 बाउंटीफुल ट्रीज के अवार्ड से सम्मानित किया गया था, जो फ्लो उत्तराखंड चैप्टर की तरफ से लॉन्च हुआ था। वैसे, मृणाल अभी 12 कंपनियों के मालिक हैं। उनका उद्देश्य है कि वह अपने काम से समाज के लिए कुछ कर सकें। नोएडा समेत कई बड़े शहरों व कई राज्यों में वो सेमीनार आयोजित कर चुके हैं।