सांस लेने लायक नहीं थी सेक्टर-125 और 116 की हवा
नोएडा का एक्यूआई 288 और ग्रेटर नोएडा का 277 किया गया दर्ज
नोएडा। जिले में प्रदूषण की स्थिति में उतार चढ़ाव जारी है। सीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार को शहर के वायु प्रदूषण से कुछ राहत रही, इसके बाद भी 288 एक्यूआई के साथ नोएडा एनसीआर का दूसरा और देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। 307 एक्यूआई के साथ पहले स्थान पर गाजियाबाद और 296 एक्यूआई के साथ दूसरे स्थान पर बल्लभगढ़ रहा।
नोएडा के सेक्टर-126 और 116 का हाल सबसे बेकार रहा। यहां की हवा सांस लेने लायक भी नहीं थी। यह स्थिति पिछले तीन दिन से बनी हुई है। सीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक बृहस्पतिवार को नोएडा का एक्यूआई 288 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 277 दर्ज किया गया। यहां पर हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में थी लेकिन सेक्टर-125 का एक्यूआई 360 और सेक्टर-116 का एक्यूआई 306 दर्ज किया गया और यहां पर की हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हुई। नोएडा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अलग अलग जगहों पर निरीक्षण किया जा रहा है। इन प्रयासों के बावजूद स्थिति खराब बनी हुई है।
दो दिन में लगाया 20 लाख का जुर्माना
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ऋतेश तिवारी ने बताया कि ग्रेप 1 के तहत शहर में धूल और धुएं पर प्रतिबंध लगा है। इसके बाद भी सड़कों पर धूल उड़ रही है और निर्माण कार्य भी सुरक्षा मानकों के बिना हो रहे हैं। टीम की ओर से सेक्टर-142 में दो जगह निरीक्षण किया गया जहां पर निर्माण कार्य चल रहा था और निर्माण कार्यों के दौरान निर्माण सामग्री को ढककर नहीं रखा गया था। निर्माण से संबंधित सामग्री बालू, मिट्टी, मौरंग आदि खुले में पड़ी थी और वहां पर वाटर स्प्रिंकलर भी नहीं चल रहे थे। ऐसे में दोनों जगह 10-10 लाख का जुर्माना लगाने के लिए नोएडा प्राधिकरण को सूचित किया गया है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्टेशन - एक्यूआई
नॉलेज पार्क-3 ग्रेनो - 223
नॉलेज पार्क-5 ग्रेनो - 262
सेक्टर-125 नोएडा - 360
सेक्टर-116 नोएडा - 306
सेक्टर-1 नोएडा - 256
सेक्टर-62 नोएडा - 231
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एनसीआर की स्थिति
गाजियाबाद 307
बल्लभगढ़ 296
नोएडा 288
ग्रेटर नोएडा 272
गुड़गांव 260
दिल्ली 245
फरीदाबाद 112