सीसीटीवी फुटेज ने खोला नोएडा पुलिस का कारनामा
दरअसल, एक एटीएम में वारदात की सीसीटीवी फुटेज इंदिरापुरम पुलिस के पास थी। इसमें गिरोह के सदस्य एक कार में बैठे दिखाई दिए थे। रविवार को पुलिस ने फुटेज के आधार पर चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनसे कार के बारे में पूछा तो पता चला कि यह कार नोएडा पुलिस के पास है। नोएडा पुलिस के पास यह कार कैसे पहुंची, यह पूछने पर आरोपियों ने बताया कि सिर्फ कार ही नहीं, उन्हें छोड़ने के नाम पर 20 लाख रुपये भी लिए गए। नोएडा पुलिस का कारनामा सामने आने के बाद अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया।
50 लाख मांगे थे, 20 लाख में हुई सौदेबाजी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि नोएडा क्राइम ब्रांच ने करीब तीन महीने पहले उन्हें पकड़ा था। इस दौरान आरोपियों से 10 लाख रुपये बरामद हुए थे। आरोपियों ने छोड़ने की गुहार लगाई तो नोएडा पुलिस ने 50 लाख रुपये की मांग की, लेकिन सौदेबाजी करते-करते हुए 20 लाख रुपये में डील हो गई। साथ ही, आरोपियों के ठिकाने पर दबिश देने के दौरान नोएडा पुलिस को वहां एक क्रेटा कार मिली, जिसे भी वह अपने साथ ले गई। इसी कार को ले जाते हुए पुलिस सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। बताया जा रहा है कि गाजियाबाद पुलिस ने यह फुटेज बरामद कर ली है।
नोएडा-गाजियाबाद पुलिस की तकरार पुरानी
गाजियाबाद और नोएडा पुलिस की तकरार बीते कई महीनों से चली आ रही है। नोएडा पुलिस के एक दरोगा ने साहिबाबाद के एक कारोबारी को बंधक बनाकर रकम वसूली थी। इस संबंध में साहिबाबाद पुलिस ने दरोगा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं, दूसरा मामला नोएडा में सामने आया। वहां के रहने वाले एक व्यक्ति ने इंदिरापुरम पुलिस पर खुद को अगवा करने और 12 घंटे अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया था। तीसरा मामला एटीएम कटर गिरोह का सामने आया है। इससे साफ जाहिर है कि गाजियाबाद और नोएडा पुलिस में तकरार बरकरार है।