फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडाः कोरोना की सुनामी से गांवों में तबाह हो रहे परिवार, शहर में भी एक माह में खत्म हुआ पूरा परिवार

Fri, 14 May 2021 06:16 PM IST
पूजा त्रिपाठी नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा/नोएडा

सार

कोरोना की इस दूसरी लहर ने कई परिवार उजाड़ दिए हैं, ग्रेटर नोएडा और नोएडा के कई ऐसे गांव हैं जहां घर-घर में कोरोना के मरीज हैं और इससे जान गंवाने वाले भी हैं, पढ़ें कुछ ऐसी ही हृदयविदारक कहानियां...
विज्ञापन
धर्मेंद्र नागर, उनकी पत्नी और उनके भाई की पत्नी (फोटो में बाएं से दाएं) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना की सुनामी से गांवों में परिवार तबाह हो रहे हैं। किसी ने अपने बेटों को तो किसी ने माता-पिता और भाइयों को खो दिया। इतना ही नहीं, परिवार के बाकी सदस्य भी कोरोना से संक्रमित हैं और संघर्ष कर रहे हैं। वहीं नोएडा के सेक्टर-49 में रहने वाला पूरा परिवार एक माह के अंदर ही कोरोना की भेंट चढ़ गया। आलम यह रहा कि जब घर की आखिरी सदस्य महिला की मौत हुई तो उन्हें कंधा देने वाला भी कोई नहीं था।

विज्ञापन


यह परिवार मूलरूप से चेन्नई का रहने वाला था। इसके मुखिया अपने बीवी-बच्ची के साथ नोएडा सेक्टर-49 में रहते थे। पिछले महीने इस परिवार ने अपनी बेटी खोई, फिर मई की शुरुआत में घर के मुखिया की मृत्यु हुई और अब पत्नी का भी निधन हो गया है। जब महिला की मौत हुई तो उसे अपनो का कंधा तक नसीब नहीं हुआ और श्मशान घाट पर मौजूद लोगों ने ही उनका अंतिम संस्कार किया।

वहीं गांवों की बात करें तो बुधवार को भी ग्रेनो वेस्ट के सादुल्लापुर गांव में एक परिवार में हुई तीसरी मौत ने सभी को तोड़ रख दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर संक्रमण को रोका नहीं गया तो स्थिति और भी भयंकर होगी।

विज्ञापन

एक सप्ताह में तीन की मौत से टूटा परिवार

ग्रेनो वेस्ट के सादुल्लापुर गांव में एक सप्ताह के अंदर एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो चुकी है। परिवार के सबसे छोटे बेटा धर्मेंद्र नागर (38) की मंगलवार को कोरोना से मौत हो गई थी। जबकि, उनकी पत्नी प्रीति की 5 दिन पहले कोरोना से मौत हो गई थी। दोनों के एक लड़की और एक लड़का है, जो छोटे हैं। बुधवार को धर्मेंद्र के बड़े भाई राजकुमार नागर की पत्नी ललिता की कोरोना से मौत हो गई। ललिता और प्रीति दोनों बहनें थीं।

एक सप्ताह के अंदर तीन लोगों की मौत से परिवार बुरी तरह टूट गया है। ललिता के भी तीन छोटे बच्चे हैं। जबकि, उनके पति राजकुमार लेखपाल हैं और बिसाहड़ा प्लांट पर ड्यूटी लगी थी। ऑक्सीजन सिलिंडर देकर कई लोगों की जान बचाई थी, लेकिन पत्नी, भाई और उसकी पत्नी को नहीं बचा सके। गांव की जिस गली में यह परिवार रहता है, वहां पर पांच दिन पहले ही एक 22 साल के युवक की भी कोरोना से मौत हो गई थी।

एक बेटे के अंतिम संस्कार के बाद मिली दूसरे की मौत की खबर
ग्रेनो वेस्ट के रोजा जलालपुर गांव की दलित बस्ती में अतर सिंह परिवार के साथ रहते हैं। कोरोनो से उनके दो बेटे दीपक और पंकज की एक ही दिन में मौत हो गई। दोनों बीमार थे। आखिरी समय में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चार दिन पहले उनके एक बेटे की मौत हो गई। एंबुलेंस से शव लाया गया। पिता ने बेटे का अंतिम संस्कार किया, तभी दूसरे बेटे की मौत की खबर मिली। बेटों की मौत से अतर सिंह और उनका परिवार बुरी तरह टूट गया। ग्रामीणों ने हौसला बंधाकर किसी तरह दूसरे बेटे का अंतिम संस्कार कराया। अब अतर सिंह भी बीमार हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी हालत भी गंभीर है। एक दिन में दो सगे भाइयों की मौत से ग्रामीण काफी डर गए हैं।
विज्ञापन

बेटे की शादी के अगले दिन हो गई मौत

जलालपुर गांव निवासी ऋषि नागर की 28 अप्रैल को मौत हो गई थी। मौत से एक दिन पहले उनके बेटे की शादी थी। संक्रमित होने के कारण वो शादी में नहीं गए थे। वहीं, लड़की के पिता भी संक्रमित थे, वो भी शादी से दूर रहे। सीमित लोगों ने रस्मों को पूरा कराया। उनकी मौत से परिवार काफी दुखी है।

तेहरवीं के दिन हो गई दूसरे भाई की मौत
अच्छेजा गांव निवासी और गौरक्षा हिंदू दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेद नागर के दो छोटे भाइयों की भी कोरोना से मौत हो चुकी है। 14 दिन के अंदर दोनों भाइयों की मौत हुई। वेद नागर के एक भाई जय नागर की 20 अप्रैल को मौत हुई थी। तीन मई को उसकी तेहरवीं थी। उसी दिन दूसरे भाई की भी मौत हो गई। एक साथ दो सगे भाइयों की मौत से परिवार के साथ-साथ ग्रामीण भी सदमे में हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें