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नोएडा : डीएम ने महागुन मॉडर्न सोसाइटी में कोविड अस्पताल बनाने की दी अनुमति, बिल्डर ने लगा दी रोक

Thu, 13 May 2021 09:57 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा

सार

सोसाइटी की एओए ने ट्वीट करके सिटी मजिस्ट्रेट को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि बिल्डर ने अस्पताल का काम नहीं होने दिया और सामान खराब होने लगा है। वहीं, बिल्डर का कहना है कि काम शुरू कराया जा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महागुन मॉडर्न अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) में एल-वन श्रेणी का अस्पताल बनाने के लिए विवाद सुलझने की जगह गहराता जा रहा है। बुधवार को ऑक्सीजन पाइप बिछाने के लिए काम शुरू हुआ, लेकिन उसे रोक दिया गया। एओए का आरोप है कि बिल्डर ने अस्पताल का काम शुरू नहीं होने दिया।

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सोसाइटी की एओए ने ट्वीट करके सिटी मजिस्ट्रेट को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि बिल्डर ने अस्पताल का काम नहीं होने दिया और सामान खराब होने लगा है। वहीं, बिल्डर का कहना है कि काम शुरू कराया जा रहा है। प्राधिकरण के निर्देश पर वह स्वयं अस्पताल तैयार करा रहा है और किसी भी एओए या दूसरे अन्य संगठन को यह काम नहीं दिया जाएगा। 

वहीं, महागुन मॉडर्न अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) ने मंगलवार को कहा कि उन्हें सेक्टर-78 स्थित सोसाइटी के लोगों के लिए 50 ऑक्सीजन बेड वाला अस्पताल तैयार करने की अनुमति मिल गई है। एओए ने कहा कि उन्हें गौतमबुद्धनगर के जिला अधिकारी सुहास एलवाई से एक लिखित आदेश मिला है, जिससे उन्हें कोविड की सुविधा के लिए क्लब हाउस और प्लेस्कूल का उपयोग करने की अनुमति मिली है।
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एओए ने बेड, एक ऑक्सीजन प्लांट और एक कंप्रेसर की खरीद की है। उन्होंने कहा कि सोसाइटी के 16 लोग जो डॉक्टर हैं मदद के लिए आगे आए हैं। एओए ने कहा कि हमें ऑक्सीजन प्लांट को लेकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग से मंजूरी मिल गई है, जो रेजिडेंट्स ने दान किए थे। साथ ही उन्होंने कहा कि कंप्रेसर के लिए फंड तैयार किए थे, जो जल्द ही पहुंचने वाला है। 

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उन्होंने बताया कि बिल्डर हमें इस सुविधा को स्थापित करने के लिए प्लेस्कूल का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन हमें अंततः जिला मजिस्ट्रेट से मंगलवार को अनुमति मिल गई। हम इसे जल्द से जल्द स्थापित करना चाहते हैं, क्योंकि हमारे सोसाइटी में कोरोना के 300 सक्रिय मामले हैं। यहां कोविड के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है।

सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच की
इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट उमाशंकर ने बताया कि सोसाइटी निवासियों की ओर से ट्वीट करके शिकायत की गई थी। मामले में भी जांच की जा रही है। दोनों पक्ष को सुना जाएगा। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर सेक्टर-49 पुलिस ने मामले की जांच की। मजिस्ट्रेट को सौंपी रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि सामान के साथ तोड़फोड़ करने और बाहर फेंकने का कोई मामला नहीं है। स्कूल परिसर के बाहर सामान रखा है।
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