उन्होंने बताया कि बिल्डर हमें इस सुविधा को स्थापित करने के लिए प्लेस्कूल का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन हमें अंततः जिला मजिस्ट्रेट से मंगलवार को अनुमति मिल गई। हम इसे जल्द से जल्द स्थापित करना चाहते हैं, क्योंकि हमारे सोसाइटी में कोरोना के 300 सक्रिय मामले हैं। यहां कोविड के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है।
सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच की
इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट उमाशंकर ने बताया कि सोसाइटी निवासियों की ओर से ट्वीट करके शिकायत की गई थी। मामले में भी जांच की जा रही है। दोनों पक्ष को सुना जाएगा। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर सेक्टर-49 पुलिस ने मामले की जांच की। मजिस्ट्रेट को सौंपी रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि सामान के साथ तोड़फोड़ करने और बाहर फेंकने का कोई मामला नहीं है। स्कूल परिसर के बाहर सामान रखा है।