जेल गए किसान नेताओं को रिहा करने, 10 फीसदी भूखंड देने, नए जमीन अधिग्रहण कानून को लागू करने समेत मांगों को लेकर रविवार को पांचवें दिन भी महिला और किसानों का गिरफ्तारी देने का सिलसिला जारी रहा।
किसान आंदोलन के तहत दिल्ली कूच करने के लिए परी चौक पर पहुंचे करीब 20 महिला और किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रदर्शनकारी जेल गए किसान नेताओं को रिहा कराने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा।
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जेल गए किसान नेताओं को रिहा करने, 10 फीसदी भूखंड देने, नए जमीन अधिग्रहण कानून को लागू करने समेत मांगों को लेकर रविवार को पांचवें दिन भी महिला और किसानों का गिरफ्तारी देने का सिलसिला जारी रहा। किसानों की दिल्ली कूच करने और गिरफ्तारी देने के कार्यक्रम को लेकर सवेरे से ही परी चौक, यमुना एक्सप्रेस वे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया हुआ था। ग्रेटर नोएडा के परी चौक आने वाले सभी रास्तों पर वाहनों की गहनता से जांच की जा रही थी। मैट्रो स्टेशनों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया था।
संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर चल रहे आंदोलन के सहयोगी संगठन भारतीय किसान परिषद की टोपी लगाए करीब आठ-दस किसानों के साथ महिलाएं नारेबाजी करते हुए तुगलपुर मैट्रो स्टेशन से उतरकर परी चौक पर पहुंचे। नारेबाजी करते हुए किसान और महिलाओं को स्टेशन से 50 मीटर की दूरी पर ही पुलिस ने रोक लिया।
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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के दौरान चल रही अनियमितताएं को दूर करने के लिए किसान लंबे समय से आंदोलन करते रहे है। लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। किसानों की मांगों को पूरा नहीं करने पर दो दिसंबर से दिल्ली कूच के कार्यक्रम के तहत ही किसान नेताओं को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। तब से ही किसान लगातार गिरफ्तारी दे रहे है। जब तक उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा।