फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida Farmer Protest: किसान नेताओं को रिहा करने की मांग को लेकर गिरफ्तारी देने का सिलसिला जारी, 20 और भेजे जेल

Sun, 08 Dec 2024 02:56 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

जेल गए किसान नेताओं को रिहा करने, 10 फीसदी भूखंड देने, नए जमीन अधिग्रहण कानून को लागू करने समेत मांगों को लेकर रविवार को पांचवें दिन भी महिला और किसानों का गिरफ्तारी देने का सिलसिला जारी रहा।
विज्ञापन
Noida Farmer Protest - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान आंदोलन के तहत दिल्ली कूच करने के लिए परी चौक पर पहुंचे करीब 20 महिला और किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रदर्शनकारी जेल गए किसान नेताओं को रिहा कराने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा।

विज्ञापन


जेल गए किसान नेताओं को रिहा करने, 10 फीसदी भूखंड देने, नए जमीन अधिग्रहण कानून को लागू करने समेत मांगों को लेकर रविवार को पांचवें दिन भी महिला और किसानों का गिरफ्तारी देने का सिलसिला जारी रहा। किसानों की दिल्ली कूच करने और गिरफ्तारी देने के कार्यक्रम को लेकर सवेरे से ही परी चौक, यमुना एक्सप्रेस वे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया हुआ था। ग्रेटर नोएडा के परी चौक आने वाले सभी रास्तों पर वाहनों की गहनता से जांच की जा रही थी। मैट्रो स्टेशनों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया था। 

संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर चल रहे आंदोलन के सहयोगी संगठन भारतीय किसान परिषद की टोपी लगाए करीब आठ-दस किसानों के साथ महिलाएं नारेबाजी करते हुए तुगलपुर मैट्रो स्टेशन से उतरकर परी चौक पर पहुंचे। नारेबाजी करते हुए किसान और महिलाओं को स्टेशन से 50 मीटर की दूरी पर ही पुलिस ने रोक लिया। 
विज्ञापन


प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के दौरान चल रही अनियमितताएं को दूर करने के लिए किसान लंबे समय से आंदोलन करते रहे है। लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। किसानों की मांगों को पूरा नहीं करने पर दो दिसंबर से दिल्ली कूच के कार्यक्रम के तहत ही किसान नेताओं को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। तब से ही किसान लगातार गिरफ्तारी दे रहे है। जब तक उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें