नोएडा। कोरोना काल में कर्ज की किस्त में छूट देने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने गिरोह के दो आरोपियों मुजफ्फरपुर, बिहार निवासी राहुल व गुड्डू को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार किया है। जबकि सरगना प्रदीप और सोनू फरार हैं। गिरोह के बदमाश फाइनेंस कंपनियों का डाटा चोरी कर लोन लेने वाले ग्राहकों को झांसा देकर अपने खाते में पैसे मंगाते थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी फर्जीवाड़ा कर हर माह 30 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर रहे थे। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से प्रिंटर, सीपीयू, मॉनिटर, कीबोर्ड, वाई-फाई कनेक्टर, चेकबुक, 10 मोबाइल, एटीएम, पेटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि सेक्टर-62 स्थित फाइनेंस कंपनी राइनो की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने राहुल व गुड्डू को गिरफ्तार किया है। राइनो कंपनी लोगों को शार्ट टर्म लोन देती है। गिरफ्तार आरोपियों ने इसी कंपनी का डाटा चुरा लिया था। बदमाशों ने कंपनी ने उन ग्राहकों को फोन किया जो कोरोना काल में किस्तें जमा नहीं कर रहे थे। ग्राहकों को बताया गया कि राइनो की तरफ से कोविड संक्रमण को देखते हुए किस्त की रकम 50 फीसदी घटा दी गई है। झांसे में आकर ग्राहकों ने लाखों रुपये जालसाजों के खाते में डाल दिए। वहीं जो कस्टमर हर माह किस्त भर रहे थे। उनसे भी संपर्क कर बताया गया कि कंपनी की तरफ से कोविड काल में 20 ये 30 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। उनसे भी लाखों रुपये आरोपियों ने खाते में मंगा लिए। जब राइनो कंपनी के पास किस्त की राशि कम आने लगी तो कस्टमर से बात की फिर इस फर्जीवाड़े के बारे में पता चला।
कई फाइनेंस कंपनियों के साथ की धोखाधड़ी
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी दो साल से अधिक समय से धोखाधड़ी कर रहे थे। राइनो कंपनी के साथ फ्रॉड करने से पहले ई रूपीज, धानी, केम इन जैसी फाइनेंस कंपनियों के कस्टमर के साथ भी वारदात कर चुके हैं। एसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने कोविड काल में केवल राइनो कंपनी के ग्राहकों के साथ ही 50 लाख से अधिक की ठगी की है।
दिल्ली के साइबर कैफे से करते थे फर्जीवाड़ा
गिरोह का सरगना प्रदीप और सोनू है जो दिल्ली के उत्तम नगर में साइबर कैफे चलाते हैं। इसी कैफे में कंप्यूटर सेंटर चलाने के नाम पर आरोपी युवक-युवतियों से फाइनेंस कंपनियों के ग्राहकों को फोन कराते थे और पेटीएम, यूपीआई, गूगलपे के माध्यम से पैसे मंगाते थे। पूछताछ में पता चला है कि सरगना प्रदीप इसमें 75 फीसदी रकम खुद रखता था और 25 फीसदी दूसरों को देता था। कंप्यूटर सेंटर में 6 हजार रुपये प्रति माह के वेतन पर युवतियों को कॉलिंग के लिए रखा गया था।काम करने वाली कुछ युवतियों ने पुलिस को बताया कि उन लोगों को बताया गया था कि राइनो प्रदीप की है।
एसबीआई रिकवरी सेल में काम करते थे आरोपी
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार राहुल व गुड्डू मौसेरे भाई हैं। राहुल बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस के मुताबिक राहुल, गुड्डू, प्रदीप और सोनू पहले गुरुग्राम में एबसबीआई के रिकवरी सेल में काम करते थे। इन आरोपियों ने यहीं से काम करने के दौरान फर्जीवाड़ा सीखा और गिरोह बनाकर ठगी करना शुरू कर दी। रिकवरी सेल में काम करने के दौरान ही आरोपियों ने फाइनेंस कंपनियों का डाटा चुराया था।