ग्रेटर नोएडा। लंबे समय बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के वायु प्रदूषण में सुधार हुआ है। रविवार देर शाम 7 बजे दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डार्क रेड जोन और रेड जोन से बाहर आ गया। इसकी वजह शनिवार सुबह हुई बारिश और हवा चलना रहा है। यूपीपीसीबी को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन वायु प्रदूषण में और सुधार होगा। शाम 4 चार बजे ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा।
शनिवार सुबह नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बारिश हुई थी, लेकिन शाम तक बारिश होने का वायु प्रदूषण पर कोई असर नहीं हुआ। दोनों शहरों का एक्यूआई डार्क रेड जोन और रेड जोन में बरकरार रहा। रविवार की सुबह भी वायु प्रदूषण का स्तर नोएडा में 400 के करीब और ग्रेनो में 400 के पार रहा था, लेकिन एक दिन पहले हुई बारिश और रविवार की सुबह से चल रही हवा का असर देर शाम को वायु प्रदूषण पर दिखा। देर शाम 7 बजे नोएडा का एक्यूआई 280 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 296 दर्ज हुआ। अभी इसमें और सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, शाम 4 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से जारी बुलेटिन में ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 332 और नोएडा का एक्यूआई 322 रहा था, तब ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर था, जबकि, नोएडा दूसरे नंबर पर था। यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि अगर हवा चलती रही तो वायु प्रदूषण में कमी आएगी। धूल उड़ने और तापमान गिरने के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।