ग्रेटर नोएडा। कोरोना संकट के बीच नोएडा एयरपोर्ट की कागजी औपचारिकताएं भी धीरे-धीरे पूरी हो रही हैं, ताकि संकट कम होने के बाद एयरपोर्ट की नींव रखने के लिए और इंतजार नहीं करना पड़े। ज्यूरिख कंपनी ने नोएडा एयरपोर्ट के लिए संशोधित मास्टर प्लान यीडा को सौंप दिया है। यीडा इसी माह संभावित बोर्ड बैठक से मंजूरी के बाद इसे शासन की अनुमति के लिए भेजेगा। यह शासन से आखिरी औपचारिकता होगी।
दरअसल, एयरपोर्ट विकासकर्ता कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी से नोएडा एयरपोर्ट का मास्टर प्लान मिलने के बाद इसे तकनीकी आंकलन एवं टिप्पणी के लिए केंद्रीय मंत्रालय को भेजा गया था। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, रक्षा मंत्रालय, नागर विमानन महानिदेशालय से टिप्पणी के साथ मास्टर प्लान वापस भेजा गया था। इसमें रनवे की लंबाई बढ़ाने समेत कई अन्य सुझाव भी दिए थे। केंद्रीय मंत्रालय की टिप्पणी एवं सुझावों को शामिल करते हुए नियाल ने विकासकर्ता कंपनी को संशोधित मास्टर प्लान देने को कहा था। विकासकर्ता कंपनी ने तीन मई को संशोधित मास्टर प्लान नियाल को सौंप दिया है। नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि मास्टर प्लान को स्वीकृति के लिए यमुना प्राधिकरण की आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद इसे नियाल बोर्ड में रखा जाएगा। बता दें कि यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक 24 अप्रैल को प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के मद्देनजर पहले इसे ऑनलाइन करने का फैसला किया गया, बाद में स्थगित कर दिया गया। संक्रमण कम होने पर इसी माह बोर्ड बैठक संभावित है।
ग्रेनो में विकास कार्यों पर खर्च होंगे 33 करोड़
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन व जलापूर्ति से जुड़े कार्यों के लिए 14 टेंडर जारी किए हैं। इन कार्यों पर करीब 33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आगामी दो माह में कागजी प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराने की तैयारी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सैनिटाइजेशन, साफ-सफाई व परियोजना विभाग के निर्माण उद्यानीकरण, जलापूर्ति, सड़क निर्माण आदि कार्यों को कराने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निर्माण, विकास कार्य एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित कार्यों को अंतिम रूप देते हुए 33.68 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें ग्राम रामपुर फतेहपुर, डाबरा एवं रिठौरी में आरसीसी सेडीमेनटेशन चैंबर का निर्माण कार्य, ग्राम रिठौरी में 6 प्रतिशत आबादी भूखंडों का अवशेष आंतरिक विकास कार्य व स्मार्ट विलेज मायचा के विकास कार्य शामिल हैं। इसके अलावा सेक्टर अल्फा-1, 2, बीटा-1, 2, गामा-1, 2, डेल्टा-1, 2, 3 एवं जीटा-1 में जलापूर्ति, नॉलेज पार्क 1, 2, 3, 5, इकोटेक -2 व 3, ट्वॉय सिटी, इकोटेक-1 एक्सटेंशन, इकोटेक-1 एक्सटेंशन-1 आदि में जलापूर्ति के काम होने हैं।