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-मुफलिसी में दिन काट रहे हवाईअड्डे से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीणों की बढ़ेगी आमदनी
-तीसरे चरण में 6241 में से केवल 5 प्रतिशत परिवार ही कमा रहे साल में 5 लाख से अधिक
-71 प्रतिशत परिवारों की वार्षिक आय एक लाख से कम, नौकरी व मजदूरी करते है ये लोग
नवीन कुमार
यमुना सिटी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आने से जेवर क्षेत्र ने विकास की रफ्तार पकड़ी है। एयरपोर्ट से प्रभावित गांवों के परिवार भी आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। अभी प्रभावित गांवों की स्थिति अच्छी नहीं है। उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हैं। तीसरे चरण से प्रभावित 6241 परिवारों में से केवल 5 प्रतिशत की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक है। जबकि 71 प्रतिशत परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से भी कम हैं।आय का स्रोत नौकरी, मजदूरी और व्यापार हैं। पहले चरण में मुआवजा ले चुके ग्रामीण अलग-अलग जगह निवेश कर आमदनी बढ़ा रहे हैं।
जेवर में नोएडा एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें कुल 14 गांवों की जमीन ली जा रही है। प्रशासन ने इन 14 गांवों का सर्वे कराया है। ताकि इनको पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का लाभ दिया जा सके। इन गांवों में 19000 परिवार हैं। सर्वे में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति का भी आकलन किया गया है। 19000 में से 6241 परिवार की आय का स्त्रोत नौकरी, व्यापार, मजदूरी व अन्य हैं। इनमें से 21 प्रतिशत परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से कम है। जबकि 51 प्रतिशत परिवार की वार्षिक आय 50 हजार से एक लाख के बीच में हैं। केवल 22 प्रतिशत परिवार ऐसे हैं, जिनकी वार्षिक आय एक से 5 लाख रुपये के बीच हैं। मात्र 5 प्रतिशत परिवारों की आमदनी साल में 5 लाख रुपये से अधिक हैं। लोगों का कहना है कि अब जमीन का मुआवजा मिलेगा तो वो आय के अन्य साधन शुरू करेंगे।
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304 लोग के पास है सरकारी व अर्ध सरकारी नौकरी
तीसरे चरण से प्रभावित 14 गांवों के केवल 304 लोग ही सरकारी और अर्ध सरकारी संस्थान में नौकरी करते हैं। 7916 पुरुष व महिलाओं का अपना व्यवसाय कृषि, गृहणी, पशुपालन और डेयरी हैं। 287 लोग का चिकित्सक, अधिवक्ता और स्वयं का व्यवसाय हैं। 1149 लोग निजी नौकरी कर रहे हैं। वहीं 2850 लोग श्रमिक, कृषि मजदूर या हस्त शिल्पकार हैं। 206 लोगों को पेंशन मिल रही है। वहीं 6652 युवा अपनी पढ़ रहे हैं। इन गांवों के 11515 लोगों के बारे में प्रशासन जानकारी नहीं जुटा सका। माना जा रहा है कि इनके पास अपना कोई काम नहीं है।