नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली से जोड़ने के लिए सरकारी एजेंसी राइट्स ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें एजेंसी ने दो सड़क मार्ग, दो रैपिड रेल के रूट और एक मेट्रो का रूट बनाने का सुझाव दिया है।
साथ ही, अलीगढ़ और भरतपुर के आसपास के शहरों को जोड़ने के लिए सड़कों को और चौड़ा करने का सुझाव दिया है। किस रूट पर कितना पैसा खर्च होगा। इसका भी आकलन किया गया है। राइट्स ने इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट नियाल को सौंप दी है, विस्तृत रिपोर्ट भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
नोएडा एयरपोर्ट से 2023 में उड़ान शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी जमीन के अधिग्रहण का काम चल रहा है। यह काम जिला प्रशासन कर रहा है और जमीन पर कब्जा लेकर यमुना प्राधिकरण को सौंप रहा है। नियाल ने एयरपोर्ट की दिल्ली एनसीआर से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राइट्स से सर्वे कराया है।
राइट्स ने आउटर रिंग रोड को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने का सुझाव दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 8, 10 व 1 को भी लिंक रोड बनाकर यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने का सुझाव दिया है। इन मार्गों से यमुना एक्सप्रेस को जोड़ने पर 3740 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह 82 किलोमीटर का रूट होगा। इसमें 48 किमी सड़क और 34 किमी एलिवेटेड सड़क होगी। राइट्स ने एक और सड़क मार्ग को प्रस्तावित किया है।
अणुव्रत मार्ग और एमबी रोड (महरौली बदरपुर) से यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने का भी सुझाव दिया गया है। इस पर करीब 5445 करोड़ खर्च होंगे। यह रूट 78.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 26 किमी सड़क और 52.5 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क शामिल है।
रैपिड रेल से जोड़ने की योजना
नोएडा एयरपोर्ट को रैपिड रेल से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए दो रूट सुझाए गए हैं। पहले रूट की लंबाई 88 किलोमीटर होगी। इसमें 62 किमी एलिवेटेड और 26 किमी अंडरग्राउंड रूट होगा। इसमें केवल अंडरग्राउंड रूट बनाना होगा। इस योजना पर 8680 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रैपिड रेल का दूसरा विकल्प दिल्ली-अलवर व दिल्ली-पलवल रूट के सहारे होगा। इसकी लंबाई 98 किलोमीटर होगी। इसमें 72 किलोमीटर एलिवेटेड और 21 किलोमीटर अंडरग्राउंड रूट बनेगा। इस पर 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दक्षिणी दिल्ली को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने का सुझाव
राइट्स ने दक्षिणी दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट को मेट्रो से जोड़ने का भी सुझाव दिया है। इसे बनाने में 2540 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राइट्स ने अपने सर्वे में बताया है कि भरतपुर तक पहुंच बनाने के लिए 40 किलोमीटर सड़क को और चौड़ा करने की जरूरत होगी। इस पर 560 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी प्रकार अलगीढ़ तक पहुंच दुरुस्त करने के लिए 65 किमी सड़क को चौड़ा करने की जरूरत होगी। इस पर 910 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
नोएडा एयरपोर्ट, नोडल अफसर, शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि राइट्स ने दिल्ली और अन्य शहरों की पहुंच नोएडा एयरपोर्ट तक सुगम करने के लिए सर्वे किया है। इसमें कई सुझाव दिए गए हैं। इन पर विचार किया जाएगा। इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।