ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग में भारतीय सांस्कृतिक, अध्यात्म व ऐतिहासिक विरासत की भी झलक दिखेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट की मौजूदा डिजाइन में इसका समावेश करने को कहा है। नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण का जिम्मा ज्यूरिख एयरपोर्ट को मिला है। विकासकर्ता ने चार कंपनियों से टर्मिनल का डिजाइन तैयार कराया है। इनमें नॉर्डिक, ग्रिमशॉ, हैप्टिक और एसटीयूपी शामिल हैं। तीन चरणों की प्रतियोगिता के बाद डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 17 जुलाई को एयरपोर्ट के प्रगति की समीक्षा की थी। इसमें उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग की डिजाइन में भारतीय विरासत की झलक दिखनी चाहिए। इसका समावेश करते हुए डिजाइन को अंतिम रूप दें।
बैठक में शामिल प्रदेश नागरिक उड्डयन मंत्री नंदगोपाल नंदी, अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल, नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह और ज्यूरिख एयरपोर्ट कंपनी के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश विकासकर्ता को अवगत करा दिए गए हैं। बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट की शुरुआत में ही 1.20 करोड़ यात्रियों के सालाना सफर करने का आकलन है। इस हिसाब से टर्मिनल की बिल्डिंग को तैयार किया जाएगा। इसमें प्रवेश और बहिर्गमन एक तरफ से रखने का प्लान है। इससे यात्रियों को सहूलियत होगी।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि इसे विश्व के अत्याधुनिक एयरपोर्ट की टर्मिनल की तरह ही बनाया जाएगा। इसमें बड़े स्तर का फूड कोर्ट भी होगा। नोएडा एयरपोर्ट में यात्रियों की संख्या में इजाफा होने पर एक और टर्मिनल बनाया जाएगा। इसकी योजना बन चुकी है। देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के पहले चरण में 1334 हेक्टेयर में निर्माण होगा। प्रस्तावित एयरपोर्ट में कार्गो की भी सुविधा होगी। आईजीआई एयरपोर्ट से करीब 80 किमी दूर स्थित एयरपोर्ट को बनाने में 29,560 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।