नोएडा एयरपोर्ट से वर्ष 2023-24 में उड़ान शुरू करने का लक्ष्य है। पहले साल में 53.8 लाख यात्री सफर करेंगे, जिनमें से 65 फीसदी यात्री टैक्सी से एयरपोर्ट पहुंचेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सरकारी संस्था राइट्स को दी गई थी। राइट्स ने हाल ही में रिपोर्ट नियाल को सौंप दी है। इसमें बताया गया कि नोएडा एयरपोर्ट के 200 किलोमीटर के दायरे में 43 जिले आएंगे। इन जिलों के यात्री दिल्ली एयरपोर्ट की जगह इसी एयरपोर्ट से सफर करना पसंद करेंगे।
राइट्स ने इन जिलों को दूरी के हिसाब से चार श्रेणियों में रखा है। पहला, 50 किलोमीटर के दायरे में छह जिले हैं, जिनमें गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, फरीदाबाद, पलवल और मेवात शामिल हैं। दूसरा, 50 से 100 किलोमीटर के दायरे में नौ जिले हैं, जिनमें बागपत, दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, गुरुग्राम, हाथरस, मथुरा, मेरठ और रेवाड़ी शामिल हैं। तीसरा, 100 से 150 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 16 जिले हैं, जिनमें आगरा, अलवर, अमरोहा, भरतपुर, बिजनौर, बदायूं, एटा, कासगंज, महेंद्र गढ़, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, शामली, पानीपत, झज्जर, रोहतक व सोनीपत शामिल हैं। चौथा, 150 से 200 किलोमीटर के दायरे में बरेली, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, करनाल, रामपुर, सहारनपुर, हरिद्वार, कैथल, हिसार, झुंझुंनूं और सीकर शामिल हैं।
65 प्रतिशत यात्री टैक्सी से पहुंचेंगे एयरपोर्ट
राइट्स की रिपोर्ट के आधार पर शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 2023-24 में एयरपोर्ट के शुरू होने पर 65 प्रतिशत यात्री टैक्सी से एयरपोर्ट पहुंचेंगे। हालांकि, बाद में टैक्सी से आने वालों की संख्या कम होगी। 2025 में 55 फीसदी और 2030 में 50 फीसदी यात्री टैक्सी से एयरपोर्ट पहुंचेंगे। 2023-24 में कार से नोएडा एयरपोर्ट आने वाले यात्री 25 प्रतिशत होंगे। इसी अवधि में दिल्ली के इंदिरागांधी एयरपोर्ट आने वाले कुल यात्रियों में से 11 फीसदी और बंगलूरू में 20.8 फीसदी यात्री टैक्सी से एयरपोर्ट पहुंचेंगे। बस से सफर करने वाले 10 फीसदी और ऑटो से नोएडा एयरपोर्ट आने वाले 0.6 फीसदी यात्री होंगे।