जिला प्रशासन ने अब घटतौली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करानी शुरू कर दी है। विधिक माप विज्ञान विभाग (मापतौल विभाग) ने ऐसे दुकानदारों पर न सिर्फ जुर्माना लगाया है, बल्कि उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में घटतौली के अलग-अलग मामलों में मापतौल विभाग की ओर से एक सप्ताह में 20 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है।
त्योहारी सीजन की वजह से खाद्य माफिया सक्रिय हो गए हैं। वहीं, दुकानदारों ने भी अधिक कमाई के लिए घटतौली शुरू कर दी है। अक्सर दुकानों पर मिठाई के साथ डिब्बा भी तौल दिया जाता है। ऐसे में ग्राहक को 100 से 150 ग्राम तक कम खाद्य सामग्री दी जाती है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी की ओर से मापतौल विभाग को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत मापतौल विभाग ने 5 मिठाई की दुकानों पर घटतौली पाए जाने पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
साथ ही उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी मेरठ स्थित मुख्यालय सूचना भेज दी है। वहीं, अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि कोई शिकायत करनी हो तो डीएम वार रूम के नंबर
9871428532 और डीएम कैंप आफिस के नंबर
0120-2552552 पर भी कर सकते हैं।
केस-1
ग्रेनो के अल्फा-वन स्थित बेडज स्वीट्स पर एक व्यक्ति ने मिठाई खरीदी थी। दुकानदार ने मिठाई के साथ डिब्बा भी तौल दिया। इस पर ग्राहक ने मापतौल विभाग के अधिकारी से शिकायत की थी। अधिकारी ने मौके पर जाकर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो उसमें दुकानदार ने मिठाई के साथ 120 ग्राम का डिब्बा भी तौला था। दुकानदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना किया गया।
केस-2
ग्रेटर नोएडा स्थित हैप्पी स्लेम गैस एजेंसी, जेआरबीटी भारत गैस एजेंसी और अग्निहोत्री गैस एजेंसी पर जांच की गई तो इनके सिलिंडरों में एक-एक किलोग्राम गैस कम मिली। तीनों एजेंसियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। उपभोक्ता तक पूरी गैस पहुंचे, यह जिम्मेदारी एजेंसी की है। इसलिए इन पर कार्रवाई की गई है।
केस-3
नोएडा स्थित मंगतराम दाल मिल में औचक निरीक्षण किया गया तो दाल के पैकेट पर जितनी मात्रा लिखी थी तो उतना वजन नहीं पाया गया। दाल के पैकेट पर कीमत भी नहीं लिखी थी और न ही कोई संपर्क सूत्र या मेल आईडी दे रखी थी। इसलिए यहां भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
केस-4
सेक्टर-8 स्थित देव फार्मेसी में आयुर्वेदिक दवा बनाने का काम होता है। यहां पर चूर्ण के पैकेट भरे जा रहे थे। पैकेट में मात्रा से कम चूर्ण पाया गया। वहीं, मापतौल विभाग से बिना सत्यापन के ही काम किया जा रहा था। इस पर संस्था का चालान किया गया है और कानूनी कार्रवाई कराने के लिए मेरठ मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है।
केस-5
रेनाल्ट इंडिया, ट्रैक्टर्स फार्म्स इक्यूपमेंटस और बेस्टैक इंडिया आदि पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। सभी ऑटो मोबाइल क्षेत्र की कंपनियां है। इनके द्वारा मिलीमीटर या सेंटीमीटर के बजाय वर्ग फुट और इंच में अखबारों में विज्ञापन दिया जा रहा है। इस पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। भारत सरकार ने वर्ग फुट और इंच को अमान्य किया है। इसके बाद भी कुछ कंपनियां लोगों को फुट और इंच में लंबाई-चौड़ाई बताकर भ्रमित करती हैं।
मापतौल अधिकारी बीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कुछ घटतौली की शिकायतें मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। आगे भी अभियान जारी रहेगा। विशेष गड़बड़ी मिठाई की दुकानों पर मिल रही है। जहां पर मिठाई के साथ डिब्बा भी तौला जा रहा है, जो गलत है।