प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर जल और हर घर शौचालय अभियान को नगर निगम की लापरवाही ठेंगा दिखा रही है। चंद्रेश्वर नगर वार्ड नंबर दो, मुक्तिधाम के समीप बना सार्वजनिक शौचालय पिछले दस वर्षों से बिजली और पानी की सुविधा से वंचित है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इसी स्थान पर पहले तीन शौचालय थे। लेकिन रखरखाव के अभाव में एक पर ताला लटक गया। दूसरा खंडहर बन चुका है और तीसरा भी अब जर्जर हालत में पहुंच गया है। स्थानीय निवासी प्रह्लाद गुप्ता ने बताया कि करीब सौ परिवार इस शौचालय का उपयोग करते हैं। पानी की सुविधा न होने से लोगों को बाहर से बाल्टियों में पानी लाना पड़ता है।
विनय शर्मा ने बताया कि शौचालय नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। शाम ढलते ही यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। जिससे यहां से गुजरने वाली महिलाओं को भारी परेशानी होती है। गंगा दर्शन के लिए यहां आए पर्यटकों को भी शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। शौचालय के नल और दरवाजे तक टूटे पड़े है। अंदर हर तरफ गंदगी फैली हुई है। यहां पर कोई सफाई कर्मचारी तक नही है।
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मामला संज्ञान में नही है, कर्मचारियों को भेजकर दिखवाया जाएगा। - गोपाल राम बिनवाल, नगर आयुक्त