संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना में बहे सलमान के तीन बच्चों का शुक्रवार को आठवें दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। मोटर बोट खराब होने के बाद गोताखोर ज्यादा गहराई तक जाने में हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। वे कुछ ही दूरी से वापस आ जाते हैं। ऐसे में तलाशी अभियान भी सुस्त पड़ गया है। पहले गोताखोर मशीन की मदद से करीब 40 किलोमीटर दूर तक उनकी तलाश कर चुके हैं।
कैराना कस्बे के मोहल्ला खैलकलां के सलमान ने अपनी पत्नी के प्रेम प्रसंग से तंग आकर तीन अक्टूबर को अपनी बेटी बेटी महक (11), शिफा (9), बेटे अयान (3) व आठ माह की बेटी इनायत उर्फ इनायशा के साथ यमुना में पुल से छलांग लगा दी थी। इससे पहले उसने यमुना पुल पार सनौली चौकी के पास एक दुकान पर बच्चों को समोसे खिलाए थे। इसके बाद तीन वीडियो बनाकर अपनी बहन गुलिस्ता को भेजे। वीडियो में आंखों से टपकते आंसुओं के बीच सलमान ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी खुशनुमा और अन्य लोगों को ठहराया था।
इसके बाद से सलमान और उसके चारों बच्चों का कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। चार अक्टूबर को यमुना पार एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में सलमान अपने बच्चों के साथ यमुना की तरफ जाते दिखा था। इसके बाद सनौली घाट पर यमुना किनारे नीचे बैठे बाबा व एक बालक ने उन्हें यमुना में कूदने की जानकारी दी थी। पुलिस और प्रशासन ने गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश शुरू कराई थी। रविवार को सनौली यमुना बार्डर पुल से बागपत के टांडा व खोजकीपुर पुल के निकट से सलमान का शव बरामद किया था। जबकि इस्सोपुर टील-खोजकीपुर के निकट से बड़ी बेटी महक का शव मिला था। बाकी तीन बच्चों का सुराग अब तक नहीं लग पाया है।
सलमान ने अपने आखिरी वक्त में बनाए वीडियो में कहा था उसे सरकार से या किसी से कोई उम्मीद नहीं है। उनकी बहन गुलिस्ता ने बताया कि उनके सलमान अपनी पत्नी खुशनुमा की हर ख्वाहिश पूरी करते थे। खुशनुमा ने पिता से अलग रहने की जिद की तो सलमान ने मोहल्ला खैलकलां में किराये का मकान लिया। पिता के घर में खुशनुमा की कोई शिकायत सामने नहीं आई थी। किराये के मकान में जाने के बाद उसकी लगातार शिकायत आने लगी। प्रशासन की पहले दिन से ही ढुलमुल कार्रवाई रही है। अब मोटरबोट ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है।
पानीपत की सीमा से आगे निकलने की आशंका
आशंका व्यक्त की जा रही है कि तीन बच्चे तेज पानी के चलते काफी दूर तक बहकर चले गए होंगे। हरियाणा और यूपी प्राइवेट गोताखोर साजिद व मुस्तकीम उर्फ बिल्लू ने साथियों के साथ मंगलवार को 40 किलोमीटर तक तलाश किया। लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार के लोग यमुना किनारे बैठे हैं। शुक्रवार को मोटरबोट खराब हो गई। इसे पूरा दिन ठीक नहीं किया जा सका। ऐसे में गोताखोर भी ज्यादा आगे नहीं जा पा रहे हैं।