नासा को गौतम बुद्ध नगर में नहीं जलती मिली पराली
ग्रेटर नोएडा। पराली जलाने को लेकर यूपी के 20 जिलों की हालत चिंताजनक है। वहीं, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के लिए राहत की खबर है। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) की ओर से पेश सेटेलाइट रिपोर्ट में दोनों जगहों पर पराली जलती नहीं मिली है। आसमान में स्मॉग छाने लगा है। आने वाले समय में समस्या और विकट होने का अनुमान है। इसके पीछे प्रमुख वजह पराली है। हाल में दिल्ली सरकार ने हरियाणा, पंजाब व उससे सटे इलाकों में जलती हुई पराली की नासा के सेटेलाइट से ली गई तस्वीर साझा की थी। अब यूपी के 20 जिलों के भी हालात खराब बताए गए हैं। तस्वीरों में यहां बड़े पैमाने पर पराली जलती मिली है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट नासा ने भारत सरकार को भेज दी है। भारत सरकार ने रिपोर्ट संलग्न कर कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को निर्देशित कर दिया है।
55 जिलों की हालत ठीक
अफसरों ने बताया कि नासा की सेटेलाइट को हापुड़, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बरेली आदि समेत 20 जिलों में पराली जलती मिली है। शेष 55 जिलों में हालात ठीक बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि कई बार इसरो की भी मदद ली जाती है।
नजर रख रही टीम, लेखपाल होंगे जिम्मेदार
एनजीटी के आदेशों के अनुपालन में डीएम बीएन सिंह ने पराली जलाने वालों पर नजर रखने और कार्रवाई करने के लिए टीम गठित कर दी है। टीम के अध्यक्ष एडीएम वित्त, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला कृषि अधिकारी और डीपीआरओ (तीनों अफसर) सदस्य हैं। वहीं, दादरी, सदर और जेवर तहसील में पराली पर नजर रखने के लिए उड़न दस्तों को नामित कर दिया है। तीनों दस्तों में प्रभारी एसडीएम हैं। डीएम ने स्पष्ट लिखा है कि अगर कहीं पराली जलती मिली तो जिम्मेदार लेखपाल होंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि अधिकारी लगातार निगरानी करने का दावा कर रहे हैं।
पाकिस्तान से भी आ रहा धुआं
भारत और पाकिस्तान के बीच सरहदें हैं। लेकिन इन सरहदों में धुआं नहीं सिमट पाता है। इसी वजह से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से पराली का धुआं भारत में प्रवेश कर जाता है। इससे हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और यूपी का बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है।
बयान
भारत सरकार की सेटेलाइट की रिपोर्ट की जानकारी मिली है। यूपी के 20 जिलों में पराली जलती पाई गई है। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में नहीं मिली है।
एएन मिश्र, उप कृषि निदेशक