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जिले में ओवरलोड वाहनों पर नहीं रोक-टोक

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नूंह। जिले में ओवरलोड वाहनों का पहिया नहीं थम रहा है। परिवहन कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रमुख हाईवे से लेकर चौक चौराहों पर ओवरलोड वाहन बेखौफ फर्राटा भरते दिख रहे हैं। पुलिस विभाग व जिला प्रशासन की ओर से इन पर कोई रोक-टोक नहीं दिख रही है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अवैध खनन पर पूरी तरह रोक है। इसके बाद भी पत्थरों से भरे ओवरलोड डंपर और हाइवा दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बीते एक साल में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सरकार व प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान सिरे नहीं चढ़ रहे हैं। ओवरलोड वाहनों के कारण जिले में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। कई लोग जान गंवा चुके हैं तो कई घायलावस्था में देखे जा रहे हैं। सबसे अधिक सड़क हादसे गुरुग्राम-अलवर मार्ग पर दिखे हैं। वर्ष 2020 में जिले में सड़क हादसों में 213 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। यह आंकड़े बहुत चौंकाने वाले हैं। सरकार को इनका संज्ञान लेने की जरूरत है।
दिन में असर, रात में बेअसर
बीते कुछ समय से जिले में ओवरलोड वाहनों को रोकने की जिम्मेदारी सचिव आरटीए के पास है। ओवरलोड वाहन दिन में सड़कों पर जरूर कम दिखाई देते हैं, लेकिन रात के समय इनका काफिला आम आदमी के लिए आफत बन जाता है।
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करोड़ों की वसूली के बावजूद नहीं सुधरे हालात
सचिव आरटीए के अनुसार, जिले में ओवरलोड वाहनों के दिसंबर 2019 में एक करोड़ चार लाख, जनवरी 2020 में एक करोड़ 84 लाख और फरवरी माह में एक करोड़ 54 लाख के चालान किए गए हैं। इसके बावजूद सड़कों पर ओवरलोड वाहनों का बोलबाला है।
फोरलेन बनाने की उठ रही मांग
जिले में आए दिन बढ़ते सड़क हादसों का मुख्य कारण नूंह से अलवर तक फोरलेन का नहीं होना है। यहां सिंगल रूट के चलते सड़क लोगों के खून से लाल हो रही है। बावजूद इसके इस रोड पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। जिले के लोग लगातार सरकार से इस मार्ग को फोरलेन बनाने की मांग कर रहे हैं।
आरटीए सचिव ने नहीं संभाला पदभार
कुछ दिन पूर्व जिले के आरटीए सचिव गौरव अंतिल का तबादला हो चुका है। उनके स्थान पर पलवल जिले के अतिरिक्त उपायुक्त सतेंद्र दुहन को सचिव आरटीए लगाया गया है, लेकिन उन्होंने अभी पद नहीं संभाला है। इस बारे में उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि जानकारी लेकर उचित कदम उठाया जाएगा।
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जिले में सड़क हादसों पर नजर
वर्ष हादसे मृत्यु घायल
2013 303 152 198
2014 373 139 316
2015 424 141 454
2016 467 189 469
2017 545 247 544
2018 557 239 599
2019 560 237 562
2020 541 213 555
कुल 3797 3780 1557
यह बोले लोग
जिले में यातायात नियमों की पालना को लेकर प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत है। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
- रज्जी भादस।
बीते कुछ समय से ओवरलोड वाहनों की रफ्तार फिर से बढ़ रही है। कई गांवों के लोकल रूटों से दिन में भी ओवरलोड वाहन गुजर रहे हैं। इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- डॉ. सुरेश बघेल, समाजसेवी।
यह समस्या जिले में बहुत बड़ी है। इसके कारण सड़क हादसे हो रहे हैं। ओवरलोड डंपर सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं।
- नियामत, पार्षद नूंह।
सड़क पर सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए, लेकिन वाहन चालक इनकी परवाह नहीं करते। इस ओर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
- आनंद, सरपंच आटा।
फोटो : सड़क पर दौड़ते ओवरलोड डंपर।
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