कर्मचारी यूनियन बताया वादाखिलाफी, लेबर कोर्ट में भी हुई सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी के जन स्वास्थ्य विभाग के हड़ताल पर चल रहे एमटीएस कर्मचारियों की मांग पूरी करने की दिशा में बुधवार को कोई पहल नहीं हुई जबकि एमसीडी सदन की बैठक में महापौर ने नौ सदस्यीय कमेटी गठित करने का ऐलान किया था। कमेटी में दो कर्मचारियों को शामिल करने के लिए कहा गया था। कमेटी को 24 घंटे में रिपोर्ट देनी थी।
एमटीएस कर्मचारियों की एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के नेता देवानंद शर्मा ने कहा कि एमसीडी ने वादा करने के बावजूद समस्या दूर करने की कोई पहल नहीं की। सदन में कमेटी में सात पार्षद और दो एमटीएस कर्मचारी शामिल करने की घोषणा की गई थी लेकिन एमसीडी की ओर से एमटीएस कर्मचारियों को कमेटी में शामिल नहीं किया गया और यूनियन को कोई सूचना भी नहीं दी गई। यह वादाखिलाफी है और हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। बुधवार को लेबर कोर्ट में भी सुनवाई हुई। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब न देने पर नोटिस जारी किया गया है। हड़ताल करने का उद्देश्य केवल अपने वैधानिक अधिकारों और परिवारों के भरण-पोषण को सुरक्षित करना है। उन्होंने मेयर से अपील की कि जल्द कमेटी गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।