ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए एनएचएआई ने मांगी सुरक्षा
ग्रेटर नोएडा। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। सुरक्षाबलों की कमी के कारण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) उन पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। ऐसे में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के परियोजना निदेशक ने सभी जिलों के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सुरक्षा मांगी है।
ट्रांसपोर्ट्स कंकरीट मैटेरियल सप्लायर्स एसोसिएशन मेरठ मंडल लगातार ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहा है। इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष रामानंद कसाना की तरफ से गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी के अलावा एनएचएआई को मांग पत्र सौंपा गया है। पत्र पर संज्ञान लेकर एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद समेत सभी क्षेत्र के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। उसमें कहा है कि ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और मई, 2018 में इसे वाहनों के लिए खोला जा चुका है। एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड वाहनों का प्रवेश वर्जित है, लेकिन इसके बाद भी ओवरलोड वाहन चल रहे हैं। पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण इनको रोका नहीं जा पा रहा है। इन वाहनों के कारण एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है। परियोजना निदेशक ने कहा है कि एक्सप्रेसवे पर डब्ल्यूआईएम बूथ बने हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण उनका संचालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मंाग की है कि इस संबंध में अधिकारी जागरूकता अभियान चलाए। ताकि एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड वाहनों को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस बल की मांग भी की है।