नवाबगंज। फर्जी गेमिंग एप से ठगी के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी हाफिज अली के परिजन ने कहा है कि उनके भाइयों को जान बूझकर फंसाया जा रहा है। हाफिज अली के भाई लियाकत अली ने देवीपाटन परिक्षेत्र के आईजी अमित पाठक को पत्र भेजकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि जिन बैंक खातों में 2.36 करोड़ रुपये का लेन-देन दिखाया जा रहा है, वह असल में ग्राम पंचायत के 14वें वित्त आयोग की निधि का पैसा है, न कि किसी फर्जी गेमिंग एप का। उन्होंने बताया कि एआर माइंस एंड सप्लायर नाम की फर्म विकासखंड में पंजीकृत है और पंचायतों को विकास कार्यों के लिए सामान आपूर्ति करती रही है। जिस खाते में रकम आई है, उसका संचालन अतीकुर्रहमान करते हैं। यह लेनदेन पूरी तरह पंचायत सप्लाई से जुड़ा है। इस संबंध में बैंक स्टेटमेंट भी मौजूद है।
लियाकत अली ने बताया कि फर्म में दर्ज मोबाइल नंबर से जुड़ा सिमकार्ड 18 अगस्त को कागजात समेत खो गया था, जिसे गोंडा निवासी तौसीफ और तारिक ने तीन दिन बाद लौटाया। इसकी तहरीर थाने में दी गई थी। तौसीफ के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है। आरोप है कि अंकित गुप्ता के मोबाइल में उनका नंबर मिलने के बाद ही भाइयों को संदेह के आधार पर फंसाया गया।
परिवार का कहना है कि उनका कारोबार पंचायत सप्लाई तक सीमित है और ठगी से कोई लेना-देना नहीं है। उल्लेखनीय है कि कन्नौज पुलिस ने हाल ही में फर्जी गेमिंग एप से ठगी का खुलासा किया था, जिसमें भारी-भरकम ट्रांजैक्शन और नवाबगंज क्षेत्र के हाफिज अली बंधुओं का नाम सामने आया था। कन्नौज पुलिस ने आरोपी हाफिज अली की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया है।
थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है। बैंक खातों का ऑडिट कराया जा रहा है, जिससे स्पष्ट हो सकेगा कि रकम पंचायत सप्लाई से जुड़ी है या फिर ठगी से। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।