- कई स्कूलों में अधिक छात्र होने की वजह से एक कक्षा में चल रहीं थीं दो क्लास
- 9.99 करोड़ से हुआ निर्माण
अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों के छात्रों को जमीन पर बैठकर पढ़ने से अब छुटकारा मिलेगा। वर्तमान सत्र 2024-25 में करीब 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से 35 स्कूलों में नए क्लासरूम बनवाए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को एक ही कक्षा में बैठकर नहीं पढ़ना पढ़ेगा। शिक्षा विभाग ने यह कक्षाएं चारों ब्लॉक के स्कूलों में बनवाए गए हैं।
विभाग के मुताबिक, गांवों के बच्चों को आधुनिक और तकनीकि शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों का कायाकल्प कराने के साथ विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित भी किया जा रहा है।
डीसी निर्माण अविनाश सिंह ने बताया कि बेहतर शिक्षा के लिए बच्चों को आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लासेज से जोड़ा जाएगा। कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से एक कक्षा में दो-दो कक्षाएं संचालित होतीं थीं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होती थी। नई कक्षाएं बनने से पढ़ाई भी बेहतर होगी। साथ ही सिंह ने बताया कि जर्जर भवनों को भी खाली करा दिया गया है।
शैक्षणिक विकास पर फोकस
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि छात्रों के शैक्षणिक विकास के लिए आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। आईसीटी लैब से लेकर उपकरण और फर्नीचर भी स्कूलों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आईसीटी लैब में नियमित रूप से बच्चों को आधुनिक शैक्षणिक जानकारियां दी जा रही हैं। नए सत्र 2025-26 के लिए भी शासन से जर्जर भवनों को ठीक कराने के लिए बजट मांगा गया है, जिसके मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
इन स्कूलों में बने नए कमरे
कंपोजिट स्कूल पर्थला खंजरपुर, अगाहपुर, जलपुरा, गुलिस्तानपुर, नवादा रसूलपुर, तिलपता, देवला, गढ़ी चौखंडी उस्मानपुर, चिपियाना बुजुर्ग, पर्थला खंजरपुर रामपुर माजरा, नया बांस, खेड़ा चौगानपुर, कुलेसरा, याकूबपुर, बरौला, होशियारपुर, मामूरा, न्यू बस्ती, मोरना के अलावा अन्य स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं बनाई गई हैं। सबसे अधिक छात्र संख्या बिसरख ब्लॉक में बढ़ी है। इस सत्र में करीब छह हजार से अधिक नए नामांकन हो चुके हैं। दादरी ब्लॉक में भी तीन हजार से अधिक छात्रों के नामांकन हुए हैं।